Sitapur : सहकारी समितियों में यूरिया वितरण में धांधली का आरोप, किसान मंच ने जताई नाराजगी
संगठन ने इमलिया सुल्तानपुर में चल रहे गोदाम और वहां तैनात सचिव के निजी मकान के निर्माण की भी जांच कराने की मांग की है। किसान मंच महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह, जिलाध्यक्ष राकेश बाजपेई और जिला संयोजक नवल किशोर मिश्रा ने बताया कि संगठन
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले की साधन सहकारी समितियों पर खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है, फिर भी कई दिनों के इंतजार के बाद उन्हें जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रही है। इस अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर किसान मंच ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
किसान मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले की कई समितियों में रिटायर्ड हो चुके सचिव ही काम देख रहे हैं, जिससे पूरी व्यवस्था बिगड़ रही है। संगठन के मुताबिक, पहले समितियों का कामकाज न्याय पंचायत क्षेत्र के हिसाब से चलता था, लेकिन अब कार्यक्षेत्र तय न होने से किसानों को भटकना पड़ रहा है। किसान मंच ने आरोप लगाया कि इमलिया सुल्तानपुर सहकारी समिति में तैनात सचिव प्रेम सागर द्वारा सुबह के वक्त ट्रॉली में यूरिया भरवाने का एक वीडियो सामने आया था। इलाके के पीड़ित किसानों ने इसे खाद की कालाबाजारी बताते हुए सबूतों के साथ शिकायत की थी, लेकिन जांच अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करके मामले को दबा दिया।
संगठन ने इमलिया सुल्तानपुर में चल रहे गोदाम और वहां तैनात सचिव के निजी मकान के निर्माण की भी जांच कराने की मांग की है। किसान मंच महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह, जिलाध्यक्ष राकेश बाजपेई और जिला संयोजक नवल किशोर मिश्रा ने बताया कि संगठन की मासिक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी सीतापुर को सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन के जरिए जिले की सभी सहकारी समितियों में स्थायी सचिव और सेल्समैन की तुरंत नियुक्ति करने, खाद वितरण को पारदर्शी बनाने और दोषी सचिवों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की जाएगी। पदाधिकारियों ने कहा कि खेती के इस जरूरी समय में किसानों का वक्त बहुत कीमती है, इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसानों को लाइनों में न लगना पड़े और सबको समय पर खाद मिल सके।
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