Patna Chehallum Clash: पटना में चेहल्लुम जुलूस के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प, SHO के सिर में आई गंभीर चोट
पटना में चेहल्लुम जुलूस के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई। ईंट-पत्थर चलने से स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे थाना प्रभारी के सिर में गंभीर चोट आई है।
- पटना में चेहल्लुम जुलूस के दौरान बवाल, ईंट-पत्थर चले, बचाव में गए थाना प्रभारी के सिर में लगी गंभीर चोट
- पटना में चेहल्लुम जुलूस में अचानक उपद्रव: दो पक्षों में पथराव, बीच-बचाव करने पहुंचे एसएचओ गंभीर रूप से घायल
- पटना में चेहल्लुम जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, उपद्रवियों के पथराव में थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल
बिहार की राजधानी पटना में चेहल्लुम जुलूस के दौरान दो स्थानीय गुटों के बीच अचानक हिंसक झड़प होने से इलाके में भारी तनाव उत्पन्न हो गया। यह घटना जुलूस के पारंपरिक मार्ग से गुजरने के दौरान हुई, जहां मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। सूचना मिलने पर स्थिति को नियंत्रित करने और मामला शांत कराने पहुंचे स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव की चपेट में आ गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई है। घायल एसएचओ को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में भारी बल तैनात कर दिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पटना में धार्मिक अवसर पर निकाले जा रहे चेहल्लुम जुलूस के दौरान अचानक दो गुट आमने-सामने आ गए। शुरुआत में किसी बात को लेकर हुई कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। दोनों तरफ से तीखी बहस के बाद मारपीट और पथराव शुरू हो गया। उपद्रवियों ने सड़क किनारे रखे ईंट-पत्थरों से एक-दूसरे पर हमला करना शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही निकटतम थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जब पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी (SHO) उपद्रवियों को खदेड़ने और माहौल को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे, तभी एक पत्थर सीधे एसएचओ के सिर पर जा लगा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह मौके पर ही लहूलुहान हो गए। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति पर काबू पाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चेहल्लुम का जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था। जब जुलूस एक घने आबादी वाले इलाके से गुजर रहा था, तभी किसी बात को लेकर दो स्थानीय समूहों के बीच असहमति हो गई। बहस धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और धक्का-मुक्की होने लगी।
इसके बाद देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों ओर से ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। स्थानीय दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं और आसपास के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सूचना मिलते ही गश्ती दल और स्थानीय थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन उपद्रवी नहीं माने। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक भारी पत्थर थाना प्रभारी के सिर में जा लगा, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इसके बाद अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल थाना प्रभारी के स्वास्थ्य का हाल जाना। पुलिस प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले और ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार मामले में केवल सत्यापित तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्थानीय नागरिकों और शांति समिति के सदस्यों ने इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा की है। स्थानीय प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने जानबूझकर सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास किया है। शांति समिति ने पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और दोषियों को पकड़वाने में मदद करने का आश्वासन दिया है ताकि इलाके में दोबारा शांति बहाल हो सके।
इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और दंगा रोधी वाहन तैनात कर दिए गए हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए स्थानीय बाजारों में सन्नाटा पसर गया और आवाजाही बाधित रही। पुलिस की सतर्कता से स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया है, जिससे हिंसा आगे नहीं फैल सकी।
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और जुलूसों के दौरान पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पथराव और हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
संबंधित मामले में अज्ञात और पहचान किए गए उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन जिन लोगों ने शांति भंग करने और पुलिस अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।
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