Bihar Liquor Smuggling: स्कॉर्पियो की छत और फर्श में बना रखा था सीक्रेट केबिन, 120 लीटर अवैध शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

बिहार में शराबबंदी के बीच पुलिस ने स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन से 120 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर वाहन को जब्त कर लिया गया।

By INA News Desk
Sep 17, 2026 - 17:48
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Bihar Liquor Smuggling: स्कॉर्पियो की छत और फर्श में बना रखा था सीक्रेट केबिन, 120 लीटर अवैध शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर
  • Bihar Liquor Smuggling: स्कॉर्पियो की छत और फर्श में बना रखा था सीक्रेट केबिन, 120 लीटर अवैध शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
  • बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करों का नया हथकंडा फेल: स्कॉर्पियो के गुप्त तहखाने से 120 लीटर शराब जब्त, 2 धरे गए
  • Bihar Crime News: लक्जरी गाड़ी से तस्करी की कोशिश नाकाम, पुलिस ने तलाशी में पकड़ा गुप्त चेंबर, 2 आरोपी सलाखों के पीछे
  • उत्पाद विभाग और पुलिस का साझा एक्शन: मॉडिफाइड स्कॉर्पियो से 120 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर अरेस्ट

पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस और मद्य निषेध विभाग लगातार निगरानी अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद अवैध शराब माफिया नए-नए तौर-तरीकों का सहारा लेकर सीमा पार से खेप पहुंचाने की कोशिशों में लगे हैं। इसी क्रम में जांच एजेंसियों ने अंतरराज्यीय तस्करों के एक बेहद शातिराना प्रयास को विफल कर दिया। नियमित वाहन चेकिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने एक सफेद रंग की मॉडिफाइड महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोका, जिसके भीतर बड़ी ही चालाकी से बनाए गए सीक्रेट केबिन (गुप्त तहखाने) से कुल 120 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से वाहन में सवार दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है।

शुरुआती जांच के अनुसार, तस्करों ने वाहन के आंतरिक ढांचे में ऐसा फेरबदल किया था कि बाहर से देखने पर गाड़ी पूरी तरह सामान्य नजर आए। लेकिन तकनीकी इनपुट और शक के आधार पर जब वाहन के पैनल, फर्श और बैकसीट के आसपास गहन तलाशी ली गई, तो धातु की चादरों से छिपाकर बनाई गई कैविटी सामने आ गई। पुलिस ने शराब की पूरी खेप के साथ वाहन को जब्त कर लिया है और दोनों आरोपियों के खिलाफ मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

गुप्त तहखाने की बनावट: वेल्डिंग कर तैयार किया गया था चेंबर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए तस्करों ने शराब छिपाने के लिए पेशेवर रूप से गाड़ी को तैयार करवाया था। स्कॉर्पियो की पिछली सीटों के निचले हिस्से और फ्लोरबोर्ड के बीच वेल्डिंग करके एक अलग धातु का बॉक्स जोड़ा गया था। इसके ऊपर से मैट और कारपेट इस तरह बिछाया गया था कि सामान्य जांच में किसी का ध्यान उस ओर न जाए।

चेकिंग पॉइंट पर जब पुलिस दल ने वाहन को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने पहले सामान्य यात्रियों की तरह व्यवहार करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों को गाड़ी के पिछले हिस्से में असामान्य वजन और स्क्रू के नए निशानों को देखकर संदेह हुआ। जब मैकेनिक की मदद से फर्श के पैनल और दरवाजों की भीतरी दीवारों को खोला गया, तो अंदर टेट्रा पैक और विभिन्न ब्रांड्स की विदेशी शराब की बोतलें ठूंस-ठूंस कर भरी मिलीं। माप करने पर यह मात्रा 120 लीटर पाई गई।

  • सीमावर्ती राज्यों से बिहार में आपूर्ति का नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर यह खेप पड़ोसी राज्य से सस्ते दामों पर खरीदकर लाए थे। इसे राज्य के भीतर ऊंचे दामों पर खुदरा धंधेबाजों तक पहुंचाने की योजना थी। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से माफिया अक्सर सीमावर्ती राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, झारखंड या पश्चिम बंगाल) से शराब की तस्करी के लिए निजी व लक्जरी वाहनों का उपयोग करते हैं, ताकि टोल प्लाजा और मुख्य मार्गों पर संदेह से बचा जा सके।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए दोनों आरोपी लंबे समय से कूरियर के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें प्रति ट्रिप एक निश्चित कमीशन दिया जाता था। इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है और यह खेप किस स्थानीय माफिया को सौंपी जानी थी, इसके बारे में दोनों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को ट्रेस किया जा सके।

  • मद्य निषेध कानून के तहत सख्त कानून

बिहार में अप्रैल 2016 से लागू पूर्ण मद्य निषेध कानून के तहत शराब का निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपभोग पूरी तरह गैरकानूनी है। कानून के कड़े प्रावधानों के तहत तस्करी में प्रयुक्त किसी भी वाहन को जब्त कर उसे राजसात (नीलामी प्रक्रिया) करने का स्पष्ट नियम है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई स्कॉर्पियो के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की परिवहन विभाग के पोर्टल से जांच की जा रही है। यदि वाहन मालिक की संलिप्तता सीधे तौर पर सामने आती है, तो उसे भी सह-आरोपी बनाया जाएगा। वहीं, गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस घटना के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग ने राज्य के प्रवेश मार्गों, चेकपोस्टों और ग्रामीण वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों की जांच और तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल भौतिक तलाशी पर निर्भर न रहकर ब्रेथ एनालाइजर, डॉग स्क्वॉड और हैंडहेल्ड मेटल व एक्स-रे स्कैनर्स के इस्तेमाल को बढ़ाया जा रहा है।

लक्जरी वाहनों, एंबुलेंस, तेल के टैंकरों और दूध की गाड़ियों जैसे वाहनों की आड़ में होने वाली तस्करी पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध शराब के धंधे से जुड़े तत्वों की संपत्तियों की जांच कर उन पर वित्तीय प्रहार भी किया जाएगा।

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