हाथरस में जियो डिस्ट्रीब्यूटर से मारपीट, तमंचे के बल पर पैर छुआकर मंगवाई माफी
हाथरस में सिम पोर्ट विवाद को लेकर जियो डिस्ट्रीब्यूटर से मारपीट और तमंचे के बल पर पैर छुआने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कोर्ट से गुहार लगाई।
हाथरस के कोतवाली क्षेत्र में सिम पोर्ट करने के सीमा विवाद को लेकर दबंगों ने एक जियो डिस्ट्रीब्यूटर के साथ जमकर मारपीट की और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हथियार के बल पर दुकानदार से पैर पकड़वाकर माफी भी मंगवाई। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
घटना कौमरी निवासी राघवेंद्र सिंह उर्फ राहुल सेंगर के साथ घटी। राघवेंद्र क्षेत्र में जियो कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम करते हैं। वे सुबह ऊतरा गांव में अपनी दुकान का हिसाब-किताब देखने पहुंचे थे। वहां उन्होंने देखा कि कुछ स्थानीय युवक मोबाइल ऐप के जरिए सिम पोर्ट का काम कर रहे थे। जब राघवेंद्र ने उस इलाके को अपना कार्यक्षेत्र बताते हुए उन्हें टोका, तो आरोपियों ने कहासुनी और गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद जब राघवेंद्र अकबरपुर गांव पहुंचे, तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। विवाद के दौरान एक आरोपी अपने घर से देसी कट्टा ले आया और गोली मारने की धमकी देते हुए उन्हें खींचकर दुकान से बाहर ले आया। इसके बाद दबंगों ने बंदूक की नोक पर पीड़ित से पैर छूकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया।
मारपीट में राघवेंद्र के सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं। किसी तरह जान बचाकर उन्होंने आपातकालीन नंबर पर पुलिस को सूचना दी। राघवेंद्र का आरोप है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो मौजूद होने के बाद भी स्थानीय थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण उन्हें इलाज के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। अंततः न्याय न मिलने पर उन्होंने एसीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की है।
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