Mere Sapnon Ka Bharat: यूपी के स्कूलों में 17 से 26 सितंबर तक सजेगा 'चित्र सेवा' उत्सव, विकास के दशक को कैनवास पर उतारेंगे बच्चे
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में 17 से 26 सितंबर तक 'मेरे सपनों का भारत' प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। कक्षा 6 से 12 तक के छात्र चित्रकला और भाषण से विकास यात्रा को अभिव्यक्त करेंगे।
- UP Education Update: योगी सरकार की अनूठी पहल, 'मेरे सपनों का भारत' अभियान के तहत बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में होंगी प्रतियोगिताएं
- नन्ही कल्पनाओं में सजेगी देश की प्रगति: कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण और पोस्टर मेकिंग, 2 अक्टूबर तक लगेंगी प्रदर्शनियां
- यूपी के परिषदीय और निजी विद्यालयों में मनेगा रचनात्मक पखवाड़ा: ब्लॉक से जिले तक चयनित प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और सम्मान
उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मक दृष्टि और अभिव्यक्ति कौशल को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक शैक्षिक कार्यक्रम की घोषणा की है। 'मेरे सपनों का भारत' शीर्षक के तहत संचालित होने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर के परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में 17 सितंबर से 26 सितंबर तक बहुस्तरीय रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को पिछले एक दशक के दौरान देश और समाज में विभिन्न क्षेत्रों में अर्जित की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से परिचित कराना और उनके नजरिए से भावी भारत की रूपरेखा को रंगों व शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करना है।
शासन स्तर पर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के मंत्रियों की उपस्थिति में 11 सितंबर को आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लिए गए निर्णयों के अनुपालन में आदेश जारी कर दिए गए हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने समस्त जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश जारी कर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से प्रतियोगिताओं को धरातल पर उतारने को कहा है। इस पहल के तहत प्राथमिक स्तर से लेकर जनपद स्तर तक एक त्रिस्तरीय संगठनात्मक ढांचा तैयार किया गया है।
कक्षा 6 से 8 के लिए 'चित्र सेवा' और कला सृजन
कार्यक्रम के तहत उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 'मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा' प्रतियोगिता आयोजित होगी। 17 से 26 सितंबर की तय अवधि में विद्यालयों में आयोजित होने वाले इस सत्र में छात्र-छात्राएं बीते 10 वर्षों में विज्ञान, तकनीकी, अंतरिक्ष अन्वेषण, डिजिटल क्रांति, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वच्छता और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों को अपनी कला के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यालयों में स्थानीय अभिभावकों और विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के सदस्यों को भी विशेष रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों के सृजनात्मक प्रयासों को पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर प्रोत्साहन मिल सके। प्रत्येक विद्यालय से निर्णायक मंडल द्वारा शीर्ष पांच छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट चित्रों व पोस्टरों का चयन किया जाएगा। इन प्रविष्टियों को संकलित कर आगामी जिलास्तरीय प्रदर्शनी के लिए भेजा जाएगा, जिसकी निगरानी संबंधित ब्लॉक और जिला स्तर के नामित नोडल अधिकारी करेंगे।
माध्यमिक संवर्ग में भाषण और अभिव्यक्ति कौशल का मंच
माध्यमिक शिक्षा विभाग के क्षेत्राधिकार में आने वाले कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता की रूपरेखा तय की गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, वाक्पटुता और देश के समसामयिक विकास पथ पर विचार व्यक्त करने की क्षमता को परखा जाएगा।
जिन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 की कक्षाएं भी संचालित होती हैं, वहां चित्रकला और भाषण दोनों गतिविधियां समानांतर आयोजित होंगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आयोजन केवल राजकीय या सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनपद में संचालित सभी केंद्रीय, नवोदय और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इससे विभिन्न सामाजिक व शैक्षिक पृष्ठभूमि के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक साझा मंच प्राप्त होगा।
26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जनपदों में सजेगी प्रदर्शनी
विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक चयन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रत्येक जनपद के प्रमुख सार्वजनिक या शैक्षिक स्थल पर एक वृहद जिलास्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में बेसिक स्तर से चयनित पांच-पांच श्रेष्ठ बाल चित्रकारों के पोस्टरों को प्रदर्शित किया जाएगा, साथ ही माध्यमिक स्तर पर भाषण प्रतियोगिता के विजेता वक्ताओं को अपनी प्रस्तुतियां देने का अवसर मिलेगा।
जिलास्तरीय समारोह में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। अंतिम रूप से चयनित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से विधिवत प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, मेडल अथवा ट्रॉफी और प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इससे बाल मन में अपने कौशल के प्रति आत्मविश्वास और भविष्य में बेहतर करने की ललक जागृत होगी।
संसाधनों की व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही
प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय या भौतिक बाधा न आए, इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान के स्वीकृत मदों से बजट का उपयोग किया जाएगा। विद्यार्थियों को ड्राइंग शीट, विभिन्न प्रकार के रंग, ब्रश और आवश्यक स्टेशनरी सामग्री समय से उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कोई भी प्रतिभावान बच्चा संसाधनों की कमी से वंचित न रहे।
जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) माध्यमिक वर्ग के लिए और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बेसिक वर्ग के लिए समन्वयक की भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय से समन्वय बैठकें कर निर्णायकों का निष्पक्ष पैनल तैयार करें और यह सुनिश्चित करें कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और मौलिकता पर आधारित हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के रचनात्मक आयोजन स्कूली शिक्षा को केवल रटने की पद्धति से बाहर निकालकर विद्यार्थियों में राष्ट्रीय दृष्टिकोण और नागरिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करने में प्रभावी सिद्ध होंगे।
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