Mere Sapnon Ka Bharat: यूपी के विद्यालयों में 17 से 26 सितंबर तक सजेगी 'चित्र सेवा' प्रतियोगिता, नन्हीं कल्पनाओं में दिखेगा विकास का दशक

उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में 17 से 26 सितंबर तक 'मेरे सपनों का भारत' प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। चयनित विद्यार्थी जिला स्तर पर सम्मानित किए जाएंगे।

By INA News Desk
Sep 14, 2026 - 22:14
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Mere Sapnon Ka Bharat: यूपी के विद्यालयों में 17 से 26 सितंबर तक सजेगी 'चित्र सेवा' प्रतियोगिता, नन्हीं कल्पनाओं में दिखेगा विकास का दशक
  • UP Education News: स्कूली बच्चों को मिलेगा 'मेरे सपनों का भारत' का मंच, कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों की जिला स्तर पर लगेंगी प्रदर्शनियां
  • योगी सरकार की नई पहल: 'मेरे सपनों का भारत' अभियान के तहत बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं
  • यूपी के सरकारी और निजी स्कूलों में मनेगा रचनात्मक उत्सव: 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चयनित पोस्टर्स की जिलास्तरीय प्रदर्शनी

उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की संकल्पना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक शैक्षिक-सांस्कृतिक अभियान की रूपरेखा तैयार की है। 'मेरे सपनों का भारत' शीर्षक से आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश भर के सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में 17 सितंबर से 26 सितंबर तक त्रिस्तरीय प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के पिछले एक दशक के विकास, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों और भविष्य की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को एक सशक्त मंच प्रदान करना है।

राज्य स्तर पर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के मंत्रियों की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए गए नीतिगत निर्देशों के अनुपालन में महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर तक इन आयोजनों को सुचारू, पारदर्शी और व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न कराएं।

कक्षा 6 से 8 के लिए 'चित्र सेवा' प्रतियोगिता

बेसिक शिक्षा परिषद और निजी विद्यालयों के उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के छात्र-छात्राओं के लिए 'मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा' प्रतियोगिता का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। 17 से 26 सितंबर की अवधि में आयोजित होने वाली इस गतिविधि में विद्यार्थी पिछले दस वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों—जैसे विज्ञान, तकनीकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा—में हासिल की गई उपलब्धियों को अपनी कल्पना के रंगों से कैनवास पर उतारेंगे।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली इन प्रतियोगिताओं के दौरान स्थानीय समुदाय और अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे बच्चों का उत्साहवर्धन हो सके। प्रत्येक विद्यालय से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पांच छात्र-छात्राओं के चित्रों अथवा पोस्टरों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इन चयनित कलाकृतियों को आगामी जिलास्तरीय प्रदर्शनी में शामिल करने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर संकलित किया जाएगा।

माध्यमिक वर्ग में भाषण और विचार अभिव्यक्ति

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विचार मंथन और वक्तृत्व कौशल को निखारने के उद्देश्य से 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 का संचालन भी होता है, वहां चित्रकला के साथ-साथ भाषण प्रतियोगिताएं समानांतर रूप से आयोजित की जाएंगी।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल चुनिंदा सरकारी विद्यालयों तक ही यह गतिविधि सीमित न रहे, बल्कि सभी मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों को भी इसमें अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। इससे विद्यार्थियों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार होगा और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलेगा।

26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जनपदों में सजेगी प्रदर्शनी

विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 सितंबर से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक प्रत्येक जिले में एक भव्य जिलास्तरीय प्रदर्शनी और समापन समारोह का आयोजन होगा। इस प्रदर्शनी में बेसिक स्तर से चयनित पांच श्रेष्ठ बाल चित्रकारों के पोस्टर्स और माध्यमिक स्तर से चयनित वक्ताओं की प्रस्तुतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

जिलास्तरीय आयोजन में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बच्चों की कला और विचारों को व्यापक सामाजिक सराहना मिल सके। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशासन की ओर से विधिवत प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड अथवा ट्रॉफी और प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

संसाधनों की व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय

प्रतियोगिता के दौरान किसी भी विद्यार्थी को संसाधनों के अभाव का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग ने वित्तीय व्यवस्थाओं को भी स्पष्ट किया है। छात्र-छात्राओं को ड्राइंग शीट, विभिन्न प्रकार के रंग, ब्रश और संबंधित स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत अनुमन्य मदों से आवश्यक बजट का उपयोग किया जाएगा।

माध्यमिक स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नोडल समन्वय की भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों को समन्वय बैठकें कर समयबद्ध तरीके से निर्णायकों (जूरी) का पैनल गठित करने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योग्य प्रतिभाओं को ही आगे बढ़ने का अवसर मिले।

रचनात्मकता के जरिए राष्ट्रीय चेतना का विकास

शिक्षाविदों का मानना है कि पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों से इतर जब बच्चों को अपने देश की प्रगति और भविष्य के प्रति अपनी दृष्टि को रेखांकित करने का अवसर मिलता है, तो उनके भीतर नागरिक बोध और राष्ट्रीय दायित्व की भावना गहरी होती है। 'मेरे सपनों का भारत' अभियान न केवल बच्चों की कल्पनाशक्ति और संवाद कौशल को संवारेगा, बल्कि विद्यालयों को राष्ट्र के विकास पर होने वाले स्वस्थ बौद्धिक संवाद का एक जीवंत केंद्र भी बनाएगा।

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