यूपी के स्कूली बच्चे 'वाइल्ड विज्डम ग्लोबल चैलेंज' में दिखाएंगे हुनर, योगी सरकार बढ़ाएगी विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच
उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से स्कूली छात्र वाइल्ड विज्डम ग्लोबल चैलेंज में भाग लेंगे। पर्यावरण और समुद्री जीव जगत पर आधारित इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरू।
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील करने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू कर रही है। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया) के सहयोग से होने वाली वैश्विक प्रतियोगिता 'वाइल्ड विज्डम ग्लोबल चैलेंज' के माध्यम से कक्षा छह से लेकर नौवीं तक के छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। इस पहल से विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होगा और वे समुद्र की जैव विविधता, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों को गहराई से समझ सकेंगे।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक और राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने सभी परिषदीय स्कूलों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में इस प्रतियोगिता के बारे में समय से जानकारी भेजने को कहा है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि निर्धारित अंतिम समय सीमा के भीतर ज्यादा से ज्यादा योग्य बच्चों का पंजीकरण पूरा करा लिया जाए, जिससे किसी भी स्तर पर बच्चे इस बड़े अवसर से वंचित न रहें। शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को प्रतियोगिता के हर चरण में पूरा मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करें।
राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के वैश्विक आयोजनों से छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा को व्यावहारिक तौर पर सीख सकेंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के तहत यह कदम बच्चों को भविष्य की समस्याओं के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक होगा। इस बार की प्रतियोगिता का मुख्य विषय समुद्र और उसके तटीय इलाकों के जीव-जगत पर आधारित रखा गया है। इसके जरिए बच्चे महासागरों के पारिस्थितिकी तंत्र, जलीय जीवों के व्यवहार और जलवायु परिवर्तन के असर का वैज्ञानिक अध्ययन कर सकेंगे।
प्रतियोगिता की बेहतर तैयारी के लिए बच्चों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया की ओर से विशेष ई-लर्निंग सामग्री, ऑनलाइन अभ्यास करने के साधन और पर्यावरण विशेषज्ञों के ऑनलाइन सत्रों की सुविधा दी जाएगी। यह पूरी प्रतियोगिता कुल पांच अलग-अलग चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले स्कूल स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा होगी, जिसके बाद चयनित बच्चे राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर सबसे आगे रहने वाली टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों, मार्गदर्शक शिक्षकों और अग्रणी स्कूलों को पदक, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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