Lucknow : उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह डेनमार्क के शहद सम्मेलन में शामिल
कोपेनहेगन पहुंचने पर काउंसलर ने भारतीय परंपराओं के अनुसार स्वागत किया। सम्मेलन में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हंस जोर्गेन लिंग्स जोर्गेनसेन से बा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने डेनमार्क के कोपेनहेगन में 23 से 27 सितंबर 2025 तक आयोजित 49वें एपिमोंडिया इवेंट में भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शहद उत्पादन पर चर्चा हुई। उन्होंने उन्नत तकनीकों को जाना और राज्य के कृषि व निवेश अवसरों पर हितधारकों से बात की। इवेंट में दुनिया भर से मधुमक्खी पालक, वैज्ञानिक और उद्योगपति आए। मधुमक्खी स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहद गुणवत्ता पर विचार-विमर्श हुआ।
कोपेनहेगन पहुंचने पर काउंसलर ने भारतीय परंपराओं के अनुसार स्वागत किया। सम्मेलन में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हंस जोर्गेन लिंग्स जोर्गेनसेन से बात हुई। शहद उत्पादन की नई तकनीकों की जानकारी ली। सिंह ने बताया कि भारत में सबसे ज्यादा शहद उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। निर्यात में राज्य दूसरे स्थान पर है। लक्ष्य निर्यात में देश का पहला राज्य बनना है।
सिंह ने कहा कि डेनमार्क की आधुनिक तकनीक राज्य के किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगी। शहद की प्रोसेसिंग बढ़ाकर निर्यात को मजबूत करेंगे। इससे मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। कोपेनहेगन में Bybi नामक संस्था का दौरा किया। यह संस्था शहरों में टिकाऊ मधुमक्खी पालन और पर्यावरण संरक्षण पर काम करती है। इसकी कार्यप्रणाली सराहनीय है। यह अनुभव राज्य में मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और आधुनिक बनाने में मदद करेगा।
दूसरे दिन उद्यान क्षेत्र के उत्कृष्ट कार्यों का अध्ययन किया। खेतों में जाकर फसल कटाई और पैकिंग प्रक्रिया देखी। यह अनुभव राज्य के किसानों के लिए उपयोगी होगा। नई तकनीकों से खेती को आधुनिक बनाएंगे। मधुमक्खी पालन को जोड़कर उत्पादन और आय दोगुनी करेंगे। प्रतिनिधिमंडल के साथ गांव का दौरा किया। प्रगतिशील किसानों से मिले। हंगरी और यूक्रेन के किसानों से भी बात हुई। वहां गोभी, पालक, गाजर और लेट्यूस जैसी उद्यान फसलें लगी थीं।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प किसानों की आय दोगुनी करने का है। योगी सरकार के नेतृत्व में डेनमार्क का दौरा इसी उद्देश्य से हुआ। यहां की शहद तकनीक और नवाचार सीखकर किसानों की उपज को बेहतर प्रोसेसिंग देकर वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे। इस दौरान अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, प्रमुख शहद निर्यातक निमित सिंह और जयदेव साथ थे।
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