Hardoi : एएमएस आदेश वापस न होने पर डिप्टी सीएम कार्यालय का घेराव करेंगे एनएचएम संविदा कर्मचारी

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने बताया कि संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पाने वाले लोग हैं। उन्हें लंबे समय से सैलरी भी नहीं मिली है, जिसके विरोध में हाल ही में काली पट्टी बांधकर और एक दिन काम रोककर पूरे प्रदेश में विरोध जताया गया था। उन्होंने आरोप लगा

Jun 3, 2026 - 23:15
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Hardoi : एएमएस आदेश वापस न होने पर डिप्टी सीएम कार्यालय का घेराव करेंगे एनएचएम संविदा कर्मचारी
Hardoi : एएमएस आदेश वापस न होने पर डिप्टी सीएम कार्यालय का घेराव करेंगे एनएचएम संविदा कर्मचारी

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को चिट्ठी भेजकर एक मांग रखी है। संघ ने अनुरोध किया है कि संविदा कर्मचारियों के लिए एएमएस के जरिए उपस्थिति दर्ज करने का जो नया आदेश जारी हुआ है, उसे निरस्त या वापस लिया जाए। संगठन का कहना है कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो राज्य के सभी एनएचएम कर्मचारी मिलकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के कार्यालय का घेराव करेंगे।

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने बताया कि संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पाने वाले लोग हैं। उन्हें लंबे समय से सैलरी भी नहीं मिली है, जिसके विरोध में हाल ही में काली पट्टी बांधकर और एक दिन काम रोककर पूरे प्रदेश में विरोध जताया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा कर्मियों से नियमित कर्मचारियों के मुकाबले कहीं ज्यादा काम लिया जाता है, इसके बावजूद सिर्फ संविदा कर्मियों पर ही एएमएस हाजिरी व्यवस्था थोपना बिल्कुल भी सही नहीं है। अगर इस नियम को लागू करना ही है तो विभाग के नियमित और संविदा दोनों तरह के कर्मचारियों पर इसे समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। यदि यह भेदभाव जारी रहा तो संगठन इसका खुलकर विरोध करेगा।

प्रदेश महामंत्री आदित्य भारती ने कहा कि संविदा कर्मचारी पहले से ही रजिस्टर और बायोमेट्रिक मशीनों पर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। इसके बाद भी केवल संविदा कर्मियों के लिए ऐसा नया आदेश जारी करने से शासन और प्रशासन की मंशा साफ दिखती है। ऐसा लगता है कि प्रशासन संविदा कर्मियों को कामचोर समझता है, जबकि सच्चाई यह है कि वे नियमित स्टाफ से ज्यादा काम संभालते हैं। इस नए आदेश से सभी संविदा कर्मचारी खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं, इसलिए संगठन इस फैसले के खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा और अपना विरोध जारी रखेगा।

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