Hardoi : हरदोई में 'भारत माता' की मूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम

स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब तक शरारती तत्वों के ये मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए हैं। एलआईयू और सोशल मीडिया सेल लगातार ऐसी पोस्ट्स पर नजर बनाए हुए हैं और भ्रामक खबरों का खंडन कर माहौल को शांत रखने में जुटी हैं। लेकिन यहाँ

Jun 3, 2026 - 22:56
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Hardoi : हरदोई में 'भारत माता' की मूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम
प्रतीकात्मक चित्र

हरदोई जिले में कुछ शरारती तत्वों द्वारा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधूरी और गलत जानकारियों के सहारे फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर ऐसी पोस्ट साझा की जा रही हैं, जिससे शहर का शांत माहौल तनावपूर्ण हो सके।

यह मामला शहर के ऐतिहासिक गांधी भवन मैदान का है। यहाँ वर्ष 1959 से राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर भारत माता की मूर्ति स्थापित है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर को लेकर भ्रामक और झूठी सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। पोस्ट में यह दावा करके माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है कि इससे एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हो रही हैं। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, गांधी भवन मैदान में स्थित यह स्तंभ और मूर्ति दशकों से हरदोई की आपसी एकता और देशभक्ति का प्रतीक रही है, जिसे लेकर पहले कभी कोई विवाद नहीं रहा।

स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब तक शरारती तत्वों के ये मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए हैं। एलआईयू और सोशल मीडिया सेल लगातार ऐसी पोस्ट्स पर नजर बनाए हुए हैं और भ्रामक खबरों का खंडन कर माहौल को शांत रखने में जुटी हैं। लेकिन यहाँ बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन कब तक सिर्फ बचाव की मुद्रा में रहेगा। हरदोई की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि डिजिटल स्पेस का गलत इस्तेमाल कर आपसी भाईचारे में जहर घोलने वाले चेहरों की पहचान कब की जाएगी। भ्रामक खबरें फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कब होगी और क्या सिर्फ पोस्ट हटवा देने या चेतावनी देने से ऐसे लोगों के हौसले पस्त होंगे। बुद्धिजीवियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हरदोई हमेशा से अमन-चैन का शहर रहा है। कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी सोशल मीडिया को हथियार बनाकर जिले की शांति से खिलवाड़ न कर सके।

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