Lucknow : यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी बैठक: 75 जिलों में 1,183 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित होगी परीक्षा
अभ्यर्थियों की जांच बहुत ध्यान से की जाएगी। वे अपने साथ सिर्फ काला या नीला पेन, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले से ही सभी केंद्रों को हर दिन अच्छी तरह साफ और सुरक्षित किया जाएगा। कमरों, छतों, गैलरी और शौचालय की बारी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की गहराई से जांच की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एस.बी. शिरडकर ने बैठक में बताया कि आरक्षी नागरिक पुलिस और इसके समान पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जिलों में बने 1,183 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा रोजाना दो पारियों में होगी। पहली पारी सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। इस परीक्षा के लिए कुल 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह चालू होने चाहिए। इसके साथ ही वहां डबल लॉक, डबल गार्ड, आग बुझाने के उपकरण, बिना रुकावट बिजली और इंटरनेट की सुविधा जरूरी है। भर्ती बोर्ड सीसीटीवी की लाइव फीड के जरिए हर केंद्र पर सीधी नजर रखेगा। परीक्षा के दिन सही सीरीज की गोपनीय सामग्री पहुंचाना नोडल अधिकारी (प्रशासन) की जिम्मेदारी होगी।
नियमों के तहत केंद्रों पर तैनात होने वाले सभी कर्मचारियों का पूरी तरह सत्यापन किया जाएगा और अभ्यर्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य होगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर किसी भी पद पर प्राइवेट व्यक्तियों को काम पर नहीं रखा जाएगा। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के पास बोर्ड का पहचान पत्र होना जरूरी है।
अभ्यर्थियों की जांच बहुत ध्यान से की जाएगी। वे अपने साथ सिर्फ काला या नीला पेन, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले से ही सभी केंद्रों को हर दिन अच्छी तरह साफ और सुरक्षित किया जाएगा। कमरों, छतों, गैलरी और शौचालय की बारीकी से जांच होगी ताकि वहां मोबाइल, ब्लूटूथ या कोई अन्य संदिग्ध सामान न छिपा हो। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और सुरक्षा प्रभारियों को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन केंद्र के बाहर जमा करा लिए जाएंगे। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी हर पारी में बिना किसी तय क्रम के (रैंडमाइजेशन के आधार पर) बदली जाएगी।
कंट्रोल रूम के माध्यम से राज्य और जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा से पहले या परीक्षा के दौरान कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर पीने का पानी, बिजली, बैठने के लिए छायादार जगह, इलाज और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी जरूरी इंतजाम होंगे।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कहा कि इस परीक्षा को सफल बनाने के लिए कड़ा अनुशासन और सतर्कता बहुत जरूरी है। उन्होंने पुलिस बल को निर्देश दिया कि रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, मुख्य चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस और ट्रैफिक पुलिस तैनात की जाए ताकि अभ्यर्थियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे।
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