Lucknow : नन्द बाबा दुग्ध मिशन- नए वित्तीय वर्ष के लिए 449.38 करोड़ रुपये का बजट पास, महिला पशुपालकों को मिलेगी प्राथमिकता

मंजूर की गई नई कार्ययोजना के तहत अलग-अलग योजनाओं के लिए बजट तय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत 7,226 लाभार्थियों को लाभ देने के लिए 5,781 लाख रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लिए 165 लाख रुपये का प्राव

Jun 3, 2026 - 13:24
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Lucknow : नन्द बाबा दुग्ध मिशन- नए वित्तीय वर्ष के लिए 449.38 करोड़ रुपये का बजट पास, महिला पशुपालकों को मिलेगी प्राथमिकता
Lucknow : नन्द बाबा दुग्ध मिशन- नए वित्तीय वर्ष के लिए 449.38 करोड़ रुपये का बजट पास, महिला पशुपालकों को मिलेगी प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की छठी बैठक हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 449.38 करोड़ रुपये (44,938 लाख रुपये) की बड़ी कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। बैठक के दौरान मिशन के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और काम में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के जितने भी पुराने लक्ष्य बचे हुए हैं, उन्हें अगले दो महीने के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने गांवों की तरक्की और किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस और सौर ऊर्जा पर आधारित नई योजनाएं तैयार करने को कहा। इसके साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे की कमी को दूर करने के उद्देश्य से हाइड्रोपोनिक फॉडर (बिना मिट्टी के चारा उगाना) को एक बेहतर विकल्प के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पशु मेलों का आयोजन और पशुपालकों को लगातार ट्रेनिंग देना इस मिशन को सफल बनाने के लिए बहुत जरूरी है।

मंजूर की गई नई कार्ययोजना के तहत अलग-अलग योजनाओं के लिए बजट तय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत 7,226 लाभार्थियों को लाभ देने के लिए 5,781 लाख रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लिए 165 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 11,695 लाख रुपये और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 21,364 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा जिन ग्राम पंचायतों में अब तक दुग्ध समितियां नहीं हैं, वहां 1,750 नई शुरुआती दुग्ध सहकारी समितियां बनाने के लिए 3,956 लाख रुपये और 11,837 डेयरी उत्पादकों को ट्रेनिंग देने के लिए 658 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण और गांवों में रोजगार बढ़ाने के लिए बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत राज्य में काम कर रही आठ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

योजनाओं को सही तरीके से चलाने के लिए जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। नए वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना को पूरे राज्य में दुग्धशाला विकास विभाग संभालेगा। वहीं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना को पहले की तरह ही पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जाएगा। बैठक में दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, मिशन निदेशक, दुग्ध आयुक्त और मत्स्य महानिदेशक धनलक्ष्मी के. सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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