Sambhal: सम्भल में गंगा का कहर! बझांगी गांव में घुसा बाढ़ का पानी, प्रशासन के दावे बहे पानी में
सम्भल जनपद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तहसील क्षेत्र के बझांगी गांव में गंगा
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जनपद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तहसील क्षेत्र के बझांगी गांव में गंगा का पानी घुसने से पूरे गांव में हाहाकार मचा हुआ है। गांव की गलियों में कमर तक पानी बह रहा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रोजमर्रा के काम करने को मजबूर हैं।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गांव के आसपास खड़ी बाजरे की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। लगातार पानी भरे रहने से फसल के सड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकी और समय पर सहायता पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। दो दिनों से गांव बाढ़ की चपेट में है, फिर भी मौके पर तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी या कर्मचारी हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा। ग्रामीण अपने हाल पर छोड़ दिए गए हैं और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बाढ़ के बाद जिला प्रशासन के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिलाधिकारी ने पहले कहा था कि ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर बाढ़ की स्थिति बनेगी, जबकि शनिवार को नरौरा बैराज से करीब एक लाख बहत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद ही बझांगी गांव जलमग्न हो गया। इससे पहले भी करीब एक लाख साठ हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका था। बझांगी के साथ-साथ उदियानगला और तोतापुर के खेतों में भी गंगा का पानी पहुंच गया है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करे, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए और किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
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