Indian Railways Viral Video: जनरल टिकट पर स्लीपर कोच की अपर बर्थ पर सोए अंकल, TTE के पूछने पर दिया मजेदार जवाब
Indian Railways Viral Video: जनरल टिकट पर स्लीपर कोच की अपर बर्थ पर सफर कर रहे बुजुर्ग को जब TTE ने रोका, तो उन्होंने अनोखी दलील दी। जानें पूरा मामला।
- Railway Viral Video: जनरल टिकट पर आरक्षित बोगी में आराम फरमा रहे थे अंकल, TTE से बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
- जनरल टिकट लेकर स्लीपर की अपर बर्थ पर लेटे थे अंकल, जब TTE ने पकड़ा तो दिया ऐसा अनोखा तर्क कि वीडियो हुआ वायरल
- Viral Video: ट्रेन के आरक्षित कोच में जनरल टिकट पर यात्रा कर रहे बुजुर्ग का अनोखा जवाब, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सफर करने के लिए रेलवे नियमों के अनुसार केवल वही यात्री स्लीपर या एसी कोच में सीट पर बैठकर सफर कर सकते हैं, जिनके पास कन्फर्म या वैध वेटिंग/आरक्षित टिकट हो। हालांकि, सोशल मीडिया पर हाल ही में एक मजेदार और हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक बुजुर्ग यात्री जनरल (अनारक्षित) टिकट लेकर स्लीपर कोच की अपर बर्थ पर आराम से लेटे हुए नजर आ रहे हैं। जब ट्रेन में जांच के दौरान टीटीई (TTE) ने उनसे टिकट मांगा और आरक्षित बोगी में बिना रिजर्वेशन के लेटने पर सवाल उठाया, तो उन्होंने बेहद अनोखे तरीके से अपना बचाव किया। यह वीडियो इंटरनेट पर नेटिजन्स के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय ट्रेन के भीतर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग यात्री जनरल डिब्बे का टिकट होने के बावजूद ट्रेन के आरक्षित स्लीपर डिब्बे में प्रवेश कर गए और वहां की अपर बर्थ (ऊपरी सीट) पर जाकर सो गए। टिकट जांच के दौरान जब ऑन-ड्यूटी टीटीई ने उनसे सवाल-जवाब किए, तो यात्री ने सीट खाली होने का हवाला देते हुए अजीब तर्क पेश कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम सह-यात्रियों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
भारतीय ट्रेनों में आरक्षित डिब्बों में बिना वैध टिकट के चढ़ने को लेकर अक्सर विवाद और भीड़भाड़ की खबरें आती रहती हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, एक बुजुर्ग यात्री अनारक्षित (General) टिकट लेकर ट्रेन में सवार हुए थे। जनरल बोगी में भीड़ होने या सुविधा न मिलने के कारण वे पास के ही आरक्षित स्लीपर डिब्बे में चले गए। इतना ही नहीं, उन्होंने ऊपर की खाली बर्थ (अपर बर्थ) देखकर वहां लेटना ही मुनासिब समझा।
ट्रेन चलने के दौरान जब चेकिंग स्टाफ (TTE) टिकटों की जांच करते हुए वहां पहुंचा, तो उसने बुजुर्ग को अपर बर्थ पर लेटे देखा। टीटीई द्वारा टिकट मांगे जाने पर यात्री ने अपना जनरल टिकट दिखाया। जब अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनरल टिकट पर स्लीपर कोच में यात्रा करने की अनुमति नहीं है और उन्हें नीचे उतरकर अपनी श्रेणी में जाना होगा, तब बुजुर्ग ने अजीब और मजेदार दलील दी।
उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि सीट खाली थी और वे किसी अन्य यात्री को परेशान नहीं कर रहे थे, इसलिए वे यहां आराम कर रहे थे। टीटीई और यात्री के बीच हुई इस नोकझोंक के दौरान आसपास मौजूद यात्री मुस्कुराते नजर आए और किसी ने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद यूजर्स की मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
नेटिजन्स का रुख: कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बुजुर्ग के अनोखे अंदाज और बेबाक जवाब पर मजेदार मीम्स और कमेंट्स किए हैं। कुछ लोगों ने इसे चुटीले अंदाज में "भारतीयों का जुगाड़" करार दिया।
नियमों की वकालत करने वाले यूजर्स: वहीं दूसरी ओर, नियम-कायदों का पालन करने वाले यूजर्स का तर्क है कि इस तरह बिना आरक्षित टिकट के रिजर्व डिब्बों में चढ़ना उन यात्रियों के अधिकारों का हनन है जो पूरा किराया देकर सीट बुक करते हैं।
हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से इस विशिष्ट वायरल वीडियो पर किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को सही टिकट लेकर यात्रा करने की हिदायत देता रहता है।
यह वीडियो एक बार फिर भारतीय ट्रेनों में अनाधिकृत यात्रियों की आवाजाही और स्लीपर/एसी डिब्बों में होने वाली भीड़भाड़ की समस्या को उजागर करता है। हालांकि वीडियो का अंदाज काफी मनोरंजक है, लेकिन यह रेलवे चेकिंग स्टाफ के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को भी प्रदर्शित करता है, जहां उन्हें नियमों का पालन कराने के साथ-साथ यात्रियों से संयम से बात करनी होती है।
भारतीय रेलवे लगातार यह अपील करता है कि यात्री हमेशा अपनी श्रेणी के अनुसार ही टिकट लेकर यात्रा करें। बिना वैध आरक्षित टिकट के स्लीपर या एसी बोगी में यात्रा करने पर रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत जुर्माना और अंतर राशि वसूलने का प्रावधान है। रेलवे चेकिंग अभियानों को और सख्त कर रहा है ताकि आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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