Odisha Flood News: जाजपुर में बाढ़ के बीच निकली अनोखी बारात, कार नहीं नाव पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा
ओडिशा के जाजपुर में बाढ़ के चलते सड़कें पानी में डूबने पर दूल्हा नाव पर सवार होकर बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा। जानिए पूरा मामला और देखें तस्वीरें।
- Odisha Jajpur Flood Groom Boat Barat: ओडिशा के जाजपुर में बाढ़ का पानी बना बाधा, तो नाव से बारात लेकर पहुंचा दूल्हा
- ओडिशा में बाढ़ के बीच पानी पर निकली अनोखी बारात, कार-घोड़ी छोड़ नाव पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा
- जाजपुर में बाढ़ का कहर, सड़कें जलमग्न होने पर नाव पर निकली अनोखी बारात, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
ओडिशा के जाजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के चलते बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी आपदा और पानी के बीच जाजपुर में शनिवार, 1 अगस्त 2026 को एक बेहद अनोखी और दिलचस्प बारात देखने को मिली। गांव की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण दूल्हे ने हिम्मत नहीं हारी और कार या घोड़ी के बजाय नाव का सहारा लिया। दूल्हा अपने परिजनों के साथ नाव पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचा और शादी की रस्में पूरी कीं। जलभराव के बीच नाव पर निकली इस अनोखी बारात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
ओडिशा के तटीय और निचले इलाकों में मानसून की भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। जाजपुर जिले के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी प्राकृतिक आपदा के बीच एक विवाह समारोह का आयोजन होना तय हुआ था।
सड़कें पानी से पूरी तरह कट जाने के कारण बारात के गाड़ियों से जाने का कोई विकल्प नहीं बचा था। ऐसे में दूल्हा और उसके परिवार ने पारंपरिक साधनों को किनारे रखकर नाव से बारात ले जाने का व्यावहारिक रास्ता चुना, ताकि तय समय पर विवाह संपन्न कराया जा सके।
जाजपुर जिले के एक बाढ़ प्रभावित गांव में शादी का मुहूर्त तय था। शादी के दिन सुबह से ही दूल्हे के गांव से लेकर दुल्हन के गांव तक के रास्ते में कई फीट तक पानी भर चुका था। मुख्य सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप थी और सामान्य वाहन चलाना किसी भी तरह से संभव नहीं था।
ऐसी परिस्थिति में शादी की तारीख आगे बढ़ाने के बजाय दोनों परिवारों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नावों का इंतजाम किया। दूल्हा अपने पारंपरिक परिधानों में तैयार हुआ और जीवनरक्षक सुरक्षा उपायों के साथ नाव में बैठा। उसके साथ परिवार के सदस्य और कुछ नजदीकी बाराती भी अलग-अलग नावों में सवार हुए। ढोल-नगाड़ों की जगह शांत जल के बीच नाव पर सवार यह बारात पानी के रास्तों से होती हुई दुल्हन के दरवाजे तक पहुंची। दुल्हन पक्ष के लोगों ने भी बाढ़ की स्थिति के बावजूद पानी में उतरकर बारात का आत्मीय स्वागत किया।
इस अनोखी बारात को लेकर स्थानीय निवासियों और शादी में शामिल मेहमानों में भारी उत्साह देखा गया। दूल्हे के परिजनों का कहना है कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन जीवन में शुभ कार्यों को रोकना सही नहीं था। इसलिए उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार नाव से जाने का फैसला किया।
दुल्हन के परिजनों ने भी दूल्हे और उसके परिवार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी दूल्हे का यह फैसला दोनों परिवारों के बीच सकारात्मक संदेश देता है। वहीं, घटना का वीडियो बनाने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि जाजपुर में बाढ़ की वजह से दिक्कतें तो हैं, लेकिन इस घटना ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है।
पानी के बीच नाव पर निकली बारात का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर साझा किया गया, वह तुरंत वायरल हो गया। सोशल मीडिया यूजर्स इस बारात को 'सच्चे प्यार और समर्पण का प्रतीक' बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि आपदा के समय घबराने के बजाय इस तरह के समझदारी भरे फैसले मिसाल बनते हैं।
साथ ही इस घटना ने जाजपुर जिले में जलभराव और बाढ़ के कारण आम लोगों को हो रही दैनिक समस्याओं को भी उजागर किया है। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों और आपातकालीन स्थितियों के लिए इसी तरह देशी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
शादी की रस्में सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद नवविवाहित जोड़ा उसी तरह नाव के जरिए ही सुरक्षित वापस लौटा। स्थानीय प्रशासन की ओर से क्षेत्र में बाढ़ के हालात पर नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों में नावों का इंतजाम कराया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को आवाजाही में अधिक कठिनाई न हो। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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