Loco Pilot Stops Train For Samosa: समोसा खाने के लिए लोको पायलट ने बीच रास्ते रोक दी ट्रेन, रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन
Indian Railways Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लोको पायलट ने समोसा खरीदने के लिए ट्रेन को बीच रास्ते में 10 मिनट तक रोक दिया।
- Indian Railways: भूख लगी तो बीच ट्रैक पर 10 मिनट खड़ी कर दी ट्रेन, समोसा खरीदने का वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
- गजब हो गया! लोको पायलट को लगी भूख तो बीच रास्ते खड़ी कर दी ट्रेन, कचौड़ी-समोसा लेने का वीडियो देख रेलवे भी हैरान
- रेलवे की बड़ी लापरवाही: समोसा खरीदने के लिए लोको पायलट ने 10 मिनट तक रोकी ट्रेन, जांच के आदेश
भारतीय रेलवे से अक्सर देरी या तकनीकी खराबी के कारण ट्रेनों के रुकने की खबरें आती हैं, लेकिन इस बार ट्रेन रुकने की जो वजह सामने आई है उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक लोको पायलट को अचानक भूख लगी तो उसने बिना किसी स्टेशन या सिग्नल के बीच रास्ते में ही पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। लोको पायलट ने समोसे और कचौड़ी खरीदने के लिए मुख्य ट्रैक पर गाड़ी को करीब 10 मिनट तक खड़ा रखा। यह पूरी घटना पास ही मौजूद एक राहगीर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली, जिसके बाद यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
आमतौर पर ट्रेनों का परिचालन कड़े समयबद्ध नियमों और सिग्नलों के आधार पर होता है, लेकिन इस मामले में लोको पायलट ने नियमों को ताक पर रख दिया। वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, एक चलती ट्रेन अचानक एक क्रॉसिंग या रेलवे फाटक के पास आकर रुक जाती है। यात्री और आस-पास खड़े लोग सोचते हैं कि शायद कोई तकनीकी खराबी या सिग्नल की समस्या होगी। लेकिन तभी ट्रेन के इंजन का केबिन खुलता है और वहां तैनात सहायक लोको पायलट नीचे उतरकर ट्रैक के पास स्थित एक स्थानीय दुकान की तरफ दौड़ता है। वह वहां से गर्म समोसे और कचौड़ी का पैकेट लेता है और वापस दौड़कर इंजन में चढ़ जाता है। इस पूरे वाकये के दौरान ट्रेन करीब 10 मिनट तक बिना किसी तकनीकी खराबी के मुख्य लाइन पर खड़ी रही।
यह अजीबोगरीब घटना बुधवार को तब प्रकाश में आई जब सोशल मीडिया पर इसका एक क्लिप वायरल हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित रूट पर बढ़ रही थी। जैसे ही ट्रेन एक रिहायशी इलाके के पास स्थित रेलवे फाटक के नजदीक पहुंची, लोको पायलट ने उसकी रफ्तार धीमी की और अंततः उसे पूरी तरह रोक दिया।
चूंकि यह कोई अधिकृत रेलवे स्टेशन या स्टॉपेज नहीं था, इसलिए वहां खड़े लोग हैरान रह गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक रेल कर्मचारी इंजन से उतरकर कचौड़ी-समोसे वाले के पास जाता है, पैसे देता है और नाश्ता लेकर दोबारा केबिन में सवार हो जाता है। जैसे ही नाश्ता केबिन के भीतर पहुंचता है, ट्रेन दोबारा अपनी रफ्तार पकड़ लेती है। इस लापरवाही के कारण न केवल उस ट्रेन में बैठे यात्रियों का समय बर्बाद हुआ, बल्कि पीछे आ रही अन्य गाड़ियों के परिचालन और सुरक्षा को लेकर भी बड़ा जोखिम खड़ा हो गया।
वीडियो के सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने के बाद रेलवे विभाग तुरंत हरकत में आया। रेलवे के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, "यह अत्यंत गंभीर मामला है। किसी भी लोको पायलट को आधिकारिक आदेश या सिग्नल की अनुपस्थिति के बिना मुख्य लाइन पर ट्रेन रोकने का अधिकार नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित लोको पायलट और क्रू मेंबर्स की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
वहीं, इंटरनेट पर यूजर्स इस वीडियो पर जमकर मजे ले रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे 'भूख का मामला' बताते हुए मजाकिया लहजे में टिप्पणी की है, तो वहीं गंभीर नागरिकों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसी लापरवाही बड़ी रेल दुर्घटनाओं को न्योता दे सकती है।
इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत का असर सीधे तौर पर रेलवे की सुरक्षा प्रणाली और साख पर पड़ा है:
सुरक्षा में चूक: मुख्य ट्रैक पर बिना किसी आपातकालीन स्थिति के ट्रेन रोकना रेलवे नियमों के तहत एक गंभीर अपराध है, जिससे दो ट्रेनों की टक्कर (Collison) का खतरा बढ़ जाता है।
यात्रियों की परेशानी: 10 मिनट तक बिना वजह ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को असुविधा हुई।
रेलवे की छवि: इस वीडियो ने वैश्विक स्तर पर भारतीय रेलवे के अनुशासन और ऑटोमेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे बोर्ड ने इस मामले में संबंधित रेल खंड के डीआरएम (DRM) को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि क्या ट्रेन रोकने के पीछे कोई अन्य वैध कारण भी था या पूरी तरह से केवल नाश्ता खरीदने के लिए ही ऐसा किया गया। संबंधित लोको पायलट और उसके सहायक को जांच पूरी होने तक सस्पेंड (Suspended) किया जा सकता है। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ड्राइवरों के केबिन के भीतर वॉयस रिकॉर्डर और लाइव सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है।
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