"बेटे को बचा लिया पर खुद चले गए": बीड के उखंडा झील में पिकनिक के दौरान पिता की डूबने से मौत, दिल दहला देने वाली घटना

महाराष्ट्र के बीड जिले के पाटोदा तालुका स्थित उखंडा झील में अपने बच्चे की जान बचाते समय पिता की डूबने से मौत हो गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने शाम को शव बरामद किया।

By INA News Desk
Aug 9, 2026 - 12:42
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"बेटे को बचा लिया पर खुद चले गए": बीड के उखंडा झील में पिकनिक के दौरान पिता की डूबने से मौत, दिल दहला देने वाली घटना
Beed Ukhanda Lake Drowning
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  • बीड हादसा: उखंडा झील में बच्चे को डूबने से बचाकर खुद डूबा पिता, दर्दनाक मौत से इलाके में शोक
  • महाराष्ट्र: बीड के पाटोदा में उखंडा झील में डूबने से व्यक्ति की मौत, बच्चे की बचाई थी जान
  • Beed Lake Drowning: बीड के उखंडा झील में दुखद हादसा, मासूम बच्चे को सुरक्षित निकालकर पिता गहरे पानी में डूबा

महाराष्ट्र के बीड जिले से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाला हादसा सामने आया है। पाटोदा तालुका स्थित प्रसिद्ध उखंडा झील में परिवार के साथ घूमने पहुंचे एक व्यक्ति ने अपने मासूम बच्चे को डूबने से तो बचा लिया, लेकिन खुद गहरे पानी की चपेट में आने से जान गंवा बैठे। मृतक की पहचान राजेंद्र वामन निर्मल के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन दल की टीम मौके पर पहुंची और चलाए गए गहन तलाशी अभियान के बाद शाम के समय उनका शव झील से बरामद किया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम छा गया है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

वीकेंड पर घूमने और समय बिताने के उद्देश्य से बीड जिले के पाटोदा तालुका में स्थित उखंडा झील पर राजेंद्र वामन निर्मल अपने परिवार के साथ पहुंचे थे। झील के किनारे प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते समय अचानक उनके बच्चे का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में गिर गया। बच्चे के पानी में गिरते ही उसके चिल्लाने और चीखने की आवाज सुनकर पिता राजेंद्र बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत झील के पानी में कूद पड़े। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद अपने बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस दौरान वे खुद संतुलन खो बैठे और झील के गहरे पानी में समा गए।

घटना के समय झील के आसपास अन्य पर्यटक और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। जैसे ही बच्चे की चीख-पुकार सुनाई दी, राजेंद्र निर्मल तेजी से पानी की ओर भागे और बिना समय गंवाए पानी में उतर गए। साहस का परिचय देते हुए उन्होंने बच्चे को गहरे पानी की गिरफ्त से बाहर खींच लिया और किनारे की ओर धकेल दिया, जिससे बच्चे की जान बच गई।

हालांकि, बहाव और पानी की गहराई अधिक होने के कारण राजेंद्र खुद को संभाल नहीं सके और गहरे पानी में चले गए। जब तक किनारे खड़े लोग कुछ समझ पाते और मदद के लिए आगे बढ़ते, राजेंद्र पानी के भीतर ओझल हो चुके थे। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत इस अनहोनी की जानकारी स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना पाते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से झील में कई घंटों तक खोजबीन अभियान चलाया गया, जिसके बाद शाम के समय राजेंद्र निर्मल का पार्थिव शरीर झील के गहरे हिस्से से बरामद किया गया।

घटना की पुष्टि करते हुए स्थानीय पाटोदा थाना पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक की मौत अपने बच्चे को बचाने के दौरान गहरे पानी में डूबने से हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतक के रिश्तेदारों और परिजनों ने भारी मन से बताया कि राजेंद्र केवल अपने परिवार को खुशियां देने और छुट्टी बिताने के लिए झील पर लाए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा।

इस दुखद हादसे ने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि स्थानीय क्षेत्र में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। एक तरफ जहां पिता द्वारा अपनी जान पर खेलकर बेटे की जान बचाने के इस असीम साहस की हर कोई सराहना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के मुख्य सदस्य को अचानक खो देने का गम हर किसी की आंखें नम कर रहा है। इसके साथ ही, स्थानीय जल निकायों और झीलों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की स्थिति को लेकर भी एक बार फिर से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी जल निकाय, झील या नदी के किनारे जाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें और गहरे पानी के पास जाने से बचें ताकि इस प्रकार के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

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