Gadchiroli Snake Bite Incident: गढ़चिरौली में आश्रमशाला के छात्रावास में घुसा जहरीला सांप, 6 को डसा, 3 आदिवासी छात्राओं की मौत

Gadchiroli Snake Bite: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के धानोरा में आश्रमशाला छात्रावास में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

By INA News Desk
Aug 10, 2026 - 14:18
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Gadchiroli Snake Bite Incident: गढ़चिरौली में आश्रमशाला के छात्रावास में घुसा जहरीला सांप, 6 को डसा, 3 आदिवासी छात्राओं की मौत
  • Maharashtra News: धानोरा में सोते समय जहरीले सांप ने काटा, 3 स्कूली छात्राओं की जान गई, एक गंभीर
  • गढ़चिरौली के आश्रम स्कूल में आधी रात को घुसा जहरीला सांप: 3 छात्राओं की मौत से कोहराम, परिजन सदमे में
  • Gadchiroli News: गढ़चिरौली के आश्रम छात्रावास में सांप के काटने से 3 छात्राओं की दर्दनाक मौत, 1 की हालत नाजुक

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित एक आश्रमशाला के छात्रावास में रविवार देर रात एक विषैला सांप घुस आया। रात में फर्श पर सो रही मासूम छात्राओं को जहरीले सांप ने डस लिया, जिससे तीन आदिवासी छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कुछ अन्य छात्राएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद पूरे आश्रम स्कूल परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं तथा प्रभावितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गढ़चिरौली जिले के धानोरा तहसील के जपतलाई गांव में स्थित सरकारी सहायता प्राप्त आश्रमशाला के छात्रावास में रविवार की रात यह दुखद हादसा घटित हुआ। बारिश के मौसम के कारण आसपास के जंगलों से निकला एक अत्यधिक विषैला सांप छात्रावास के कमरे में दाखिल हो गया। उस समय छात्राएं जमीन पर सो रही थीं। अचानक सांप ने बारी-बारी से कई छात्राओं को डस लिया। जहर फैलने के कारण तीन छात्राओं ने दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य बालिका को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रविवार देर रात जब छात्रावास की सभी छात्राएं गहरी नींद में थीं, तब कमरे में सांप आ घुसा। नींद में ही एक छात्रा को काटने का अहसास हुआ और वह दर्द के मारे चीख पड़ी। उसकी आवाज सुनकर आसपास सो रही अन्य छात्राएं भी जग गईं। जब तक कमरे में उजाला किया जाता और लड़कियां संभल पातीं, तब तक विषैले सांप ने अन्य दो-तीन छात्राओं को भी अपना शिकार बना लिया था। चीख-पुकार सुनकर आश्रमशाला के वार्डन और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में घायल छात्राओं को पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन जहर शरीर में तेजी से फैलने के कारण डॉक्टरों ने तीन छात्राओं को मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक अन्य छात्रा की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

हादसे की खबर मिलते ही मृत छात्राओं के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण आश्रमशाला परिसर में जमा हो गए। परिजनों ने छात्रावास में सुरक्षा के इंतजामों की कमी और फर्श पर बिस्तर लगाने की व्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सुदूर आदिवासी इलाकों में स्थित आश्रम स्कूलों में बारिश के दिनों में सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा के उपाय नहीं किए जाते। दूसरी ओर, घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवारों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित और दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में इस घटना से गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। आश्रमशालाओं में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस दुखद हादसे के बाद अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्थागत ढिलाई और सुदूर क्षेत्रों के हॉस्टलों की जर्जर स्थिति को फिर से उजागर कर दिया है। घटना के बाद पुलिस ने शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने घायल छात्रा को त्वरित और बेहतर इलाज देने के लिए मेडिकल टीम तैनात की है। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी आश्रम स्कूलों और छात्रावासों के निरीक्षण का निर्देश दिया है ताकि मानसून के दौरान जलभराव, झाड़ियों की सफाई और एंटी-वेनम (सांप के जहर की दवा) की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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