Jharkhand News: रांची में 'नौकरी चोरी' के खिलाफ युवाओं का हल्ला बोल, जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों ने शुरू किया मार्च
Ranchi Student Protest: जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में हजारों छात्र सड़कों पर उतरे। विधानसभा मार्च को लेकर सुरक्षा कड़ी।
- Ranchi Student Protest: जेपीएससी और जेएसएससी धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरा छात्रों का सैलाब, विधानसभा घेराव की उग्र तैयारी
- Jharkhand Student Protest Ranchi: 'नौकरी चोरी पर इंकलाब', रांची में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ उग्र हुए हजारों युवा
- रांची की सड़कों पर उमड़ा छात्रों का सैलाब! JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर आर-पार के मूड में युवा, बढ़ा तनाव
झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त 2026 को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता और धांधली के खिलाफ छात्रों का भारी आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। राज्य के कोने-कोने से पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों ने 'नौकरी चोरी के खिलाफ इंकलाब' के नारों के साथ ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से झारखंड विधानसभा की ओर महामार्च शुरू किया। लगातार 17 दिनों से चल रहे इस आंदोलन में सरकार के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला लिया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
झारखंड में सरकारी नौकरियों की पारदर्शी बहाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता को लेकर युवाओं का असंतोष सड़कों पर जनसैलाब के रूप में उमड़ पड़ा है। जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, विशेष रूप से जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से विरोध जता रहे थे। रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी। मुख्य मांगों पर सरकार की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने के कारण नाराज अभ्यर्थियों ने सोमवार को घोषित रणनीति के तहत विधानसभा घेराव का रुख किया। सोमवार सुबह से ही रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम राज्य भर से आए प्रतियोगी छात्रों का गढ़ बन गया। हाथों में तख्तियां, तिरंगा और मांगों से भरे बैनर लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने 'नौकरी चोरी पर इंकलाब' और 'भ्रष्टाचार बंद करो' के बुलंद नारों के साथ समां बांध दिया। हजारों की संख्या में एकजुट हुए युवाओं का यह जत्था स्टेडियम से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने लगा।
छात्रों की दो प्रमुख मांगें हैं—पहली, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और दूसरी, नियुक्ति परीक्षाओं में हुई तमाम धांधलियों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग के भीतर का सिस्टम भ्रष्टाचार में लिप्त है और मेधावी छात्रों के हक की 'नौकरी चोरी' की जा रही है। जब तक सरकार लिखित रूप में इन मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक पीछे न हटने का संकल्प लिया गया है।
छात्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख बिंदु
17 दिनों से जारी गतिरोध के बाद अभ्यर्थियों ने शुरू किया रांची में व्यापक प्रदर्शन।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच पर अड़े छात्र।
रविवार को सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीसरे दौर की बातचीत रही थी विफल।
विधानसभा परिसर से 750 मीटर के दायरे में बीएनएसएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू।
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं के धैर्य का बांध अब टूट चुका है। बार-बार आश्वासनों के बावजूद राज्य की परीक्षा प्रणालियों में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि झारखंड के युवाओं के स्वाभिमान और रोजगार के अधिकार की लड़ाई है।
दूसरी ओर, रांची पुलिस और जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल, वाटर कैनन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करते हुए किसी भी प्रकार के अनधिकृत मजमा लगाने, धरना-प्रदर्शन करने या जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
हजारों की संख्या में छात्रों के सड़कों पर उतरने से राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के प्रमुख मार्गों, विशेष रूप से विधानसभा मार्ग और कांटाटोली चौक के आसपास, पुलिस को रूट डायवर्जन लागू करना पड़ा है। इस वृहद आंदोलन ने राज्य के राजनीतिक पारे को भी गरमा दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर पूरी तरह हमलावर है, जबकि सत्ता पक्ष स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों को संवाद के जरिए शांत करने के प्रयासों में जुटा है। जैसे-जैसे छात्रों का यह सैलाब बैरिकेडिंग की ओर बढ़ रहा है, पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी बढ़ने की आशंका है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को रोककर उनकी मुख्यमंत्री या विभागीय अधिकारियों से दोबारा उच्चस्तरीय वार्ता कराई जाए। हालांकि, सड़कों पर डटे अभ्यर्थियों का रुख बेहद कड़ा है और वे बिना किसी ठोस प्रशासनिक आदेश के आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। आने वाले घंटों में रांची का राजनीतिक व प्रशासनिक घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
Also Click : Hardoi: मारपीट और तमंचे से जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद
What's Your Reaction?



