नूंह में सनसनी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार के अंदर मिला SBI बैंक मैनेजर का शव, इलाके में फैला हड़कंप।
हरियाणा के नूंह जिले से एक सनसनीखेज और बेहद दुखद मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दिल्ली
- हरियाणा में रहस्यमयी मौत: मरोड़ा पुल के नीचे खड़ी गाड़ी में मृत मिले बैंक प्रबंधक मनीष, पुलिस जांच में जुटी
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर संदिग्ध हालात में बैंक अधिकारी की मौत, हत्या और आत्महत्या के एंगल पर छानबीन शुरू
हरियाणा के नूंह जिले से एक सनसनीखेज और बेहद दुखद मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मरोड़ा पुल के नीचे खड़ी एक कार के भीतर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक शाखा प्रबंधक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। मृतक की पहचान मनीष के रूप में हुई है, जो इस क्षेत्र में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात थे। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस इस पूरी गुत्थी को सुलझाने के लिए गहन तफ्तीश में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित मरोड़ा पुल के पास की है, जहां से गुजरने वाले राहगीरों ने एक कार को काफी समय से लावारिस और संदिग्ध हालत में खड़े देखा था। जब कुछ लोगों ने कार के पास जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि गाड़ी के अंदर एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। राहगीरों ने बिना समय गंवाए तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नूंह जिला पुलिस की एक विशेष टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर रवाना हो गई। पुलिस ने जब कार का दरवाजा खोलकर देखा, तो अंदर मौजूद व्यक्ति की सांसें थम चुकी थीं और उसकी पहचान एसबीआई के बैंक मैनेजर मनीष के रूप में की गई।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक मनीष मूल रूप से इसी क्षेत्र के आसपास के रहने वाले थे और वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय शाखा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। घटना वाले दिन वह अपने घर से बैंक के काम के लिए या किसी अन्य निजी काम से निकले थे, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। जिस तरह से उनका शव एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्ग पर एक पुल के नीचे खड़ी गाड़ी में पाया गया है, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और गाड़ी के भीतर से कुछ अहम सबूत भी जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस इस मामले में हर संभावित कोण से जांच कर रही है। बैंक मैनेजर के कार्यस्थल और उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि की भी पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी तरह के मानसिक तनाव या आपसी रंजिश के दावों की सत्यता जांची जा सके।
इस मामले में पुलिस मृतक के परिजनों और बैंक के अन्य कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ कर रही है ताकि मनीष के अंतिम घंटों की गतिविधियों का एक सटीक टाइमलाइन तैयार किया जा सके। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस घटना को सामान्य मौत मानने से इनकार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मनीष रोज़ की तरह ही अपने काम पर गए थे और उनकी किसी से कोई पुरानी दुश्मनी भी नहीं थी। वहीं दूसरी तरफ, बैंक के सहकर्मियों से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या मनीष पिछले कुछ दिनों से किसी प्रकार के पेशेवर दबाव या तनाव में थे, या फिर हाल के दिनों में उनका किसी के साथ कोई विवाद हुआ था।
घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे एक बेहद पेचीदा मामला मान रही है। कार के भीतर से किसी भी तरह के संघर्ष के निशान मिले हैं या नहीं, इस बात को अभी पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है ताकि जांच प्रभावित न हो। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में लगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मनीष की कार मरोड़ा पुल के नीचे कब आकर रुकी थी और उस समय गाड़ी में उनके साथ कोई और मौजूद था या नहीं। एक्सप्रेसवे पर लगे टोल प्लाजा और आसपास के कैमरों के रिकॉर्ड को भी कब्जे में लेकर उसकी गहनता से जांच की जा रही है।
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