योगी सरकार का 'ज्ञान भारतम् मिशन' बना सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का बड़ा अभियान।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा

By INA News Desk
May 21, 2026 - 17:03
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योगी सरकार का 'ज्ञान भारतम् मिशन' बना सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का बड़ा अभियान।
योगी सरकार का 'ज्ञान भारतम् मिशन' बना सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का बड़ा अभियान।
  • प्रदेशभर में प्राचीन पांडुलिपियों की खोज के लिए तेज हुआ सर्वे अभियान
  • वाराणसी, अयोध्या और रामपुर में मिलीं सबसे अधिक पांडुलिपियां
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत भारत की ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने की पहल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का व्यापक अभियान तेज कर दिया गया है। योगी सरकार का उद्देश्य देश की प्राचीन बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
     इस दौरान पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि भारत सरकार के ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को गति प्रदान करते हुए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि देश की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
     प्रदेशभर में चलाए जा रहे सर्वे अभियान के दौरान अब तक हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, साहित्य, संगीत, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां शामिल हैं। विशेष रूप से वाराणसी, अयोध्या और रामपुर में सबसे अधिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें कई सदियों पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित सामग्री भी शामिल है।
   राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मठ-मंदिरों, निजी संग्रहकर्ताओं और शोध संस्थानों के सहयोग से विशेष सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर प्राचीन दस्तावेजों और हस्तलिखित ग्रंथों का पता लगा रही हैं। मिशन के तहत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, डिजिटलीकरण और सूचीकरण भी किया जाएगा ताकि शोधार्थियों और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
   दरअसल, उत्तर प्रदेश सदियों से भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और रामपुर जैसे शहरों में संस्कृत, फारसी, अरबी और हिंदी की अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। अब “ज्ञान भारतम् मिशन” के माध्यम से इन्हें व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान केवल दस्तावेजों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को पुनर्स्थापित करने का प्रयास भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। ज्ञान भारतम् मिशन उसी विजन को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।

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