नैनीताल हाईवे पर भीषण हादसा: बाबा नीम करोली के कैंचीधाम जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों की गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौत।

देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में एक बार फिर से तेज रफ्तार और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का बेहद खौफनाक मंजर

May 22, 2026 - 12:38
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नैनीताल हाईवे पर भीषण हादसा: बाबा नीम करोली के कैंचीधाम जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों की गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौत।
नैनीताल हाईवे पर भीषण हादसा: बाबा नीम करोली के कैंचीधाम जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों की गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौत।
  • भीमताल-भवाली मार्ग पर अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरे गधेरे में समाई तेज रफ्तार कार, चीख-पुकार के बीच स्थानीय प्रशासन ने चलाया भारी रेस्क्यू ऑपरेशन
  • धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की खुशियां मातम में बदलीं, अत्यधिक ढलान और तीखे मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खोने के कारण घटित हुआ हृदयविदारक हादसा

देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में एक बार फिर से तेज रफ्तार और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का बेहद खौफनाक मंजर देखने को मिला है। नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले भीमताल-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र और बाबा नीम करोली महाराज के पावन धाम कैंचीधाम के दर्शन के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा एक पूरा हंसता-खेलता परिवार इस भीषण हादसे का शिकार हो गया। उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे धार्मिक यात्रा पर निकले इस परिवार की खुशियां पल भर में पूरी तरह से मातम में तब्दील हो गईं।

यह भीषण दुर्घटना उस समय हुई जब मैदानी इलाके से आया यह परिवार पहाड़ी रास्तों के घुमावदार मोड़ों को पार करते हुए भवाली की तरफ बढ़ रहा था। चश्मदीदों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, कार की गति पर्वतीय मार्ग के मानकों के लिहाज से काफी तेज थी और जैसे ही वाहन एक बेहद तीखे और संकरे मोड़ पर पहुंचा, चालक संभवतः सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा पाया। कार सीधे सुरक्षा रेलिंग को पार करते हुए नीचे बने गहरे पत्थरों से युक्त गधेरे की तरफ ढलान पर लुढ़कती चली गई। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि गहरी खाई में गिरते समय कार के कई टुकड़े हो गए और वाहन में सवार लोग उसके भीतर ही बुरी तरह फंस गए। पहाड़ की चोटी से नीचे गिरते वाहन की तेज आवाज सुनकर आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। भीमताल और भवाली के मध्य स्थित यह मोड़ अत्यधिक ढलान वाला और अंधा मोड़ है। यहां सुरक्षा दीवारों की ऊंचाई कम होने और रात या अलसुबह के समय कोहरे अथवा कम दृश्यता के कारण अक्सर चालकों को मोड़ों का सटीक अनुमान लगाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ के जवान राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गए। चूंकि खाई अत्यंत गहरी और ढलान बेहद सीधी थी, इसलिए बचाव दल को नीचे उतरने के लिए रस्सियों और विशेष कटर मशीनों का सहारा लेना पड़ा। कड़े और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब टीम कार के मलबे तक पहुंची, तब तक उसमें सवार सभी पांचों लोग दम तोड़ चुके थे। क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत के बाद सभी शवों को खाई से बाहर निकालकर मुख्य सड़क तक लाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती वैधानिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन से यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैदानी जिले का निवासी था और ग्रीष्मकालीन छुट्टियों तथा बाबा के दर्शन के लिए नैनीताल आया हुआ था। मृतकों में दो पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं, जिनकी पहचान उनके पास मिले पहचान पत्रों और मोबाइल फोन के जरिए सुनिश्चित की गई। जैसे ही प्रशासन द्वारा इस अत्यंत दुखद घटना की सूचना उनके गृह जनपद में रहने वाले सगे-संबंधियों को दी गई, वैसे ही उनके घरों में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। किसी को भी इस बात पर सहसा विश्वास नहीं हो रहा था कि जो परिवार कुछ घंटों पहले हंसते-मुस्कुराते हुए बाबा के दरबार के लिए निकला था, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।

पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाले इन बड़े सड़क हादसों के पीछे अक्सर चालकों का पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाने का कम अनुभव होना और मोड़ों पर अत्यधिक गति रखना एक बहुत बड़ा कारण बनकर सामने आता है। मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटक अक्सर पहाड़ों की तीखी ढलान पर लगातार ब्रेक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे ब्रेक शू गर्म होकर काम करना बंद कर देते हैं और वाहन पूरी तरह से अनियंत्रित हो जाता है। इस विशिष्ट मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसके मद्देनजर स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से इन खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां क्रैश बैरियर और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग उठाते रहे हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनमोल जिंदगियों को अकाल गाल में समाने से रोका जा सके।

प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जिसके अंतर्गत परिवहन विभाग की एक विशेष तकनीकी टीम कार के मलबे का बारीकी से निरीक्षण करेगी। यह टीम इस बात का पता लगाएगी कि क्या हादसे का कारण कोई यांत्रिक विफलता जैसे कि स्टीयरिंग फेल होना या ब्रेक का न लगना था, या फिर यह पूरी घटना पूरी तरह से मानवीय चूक का परिणाम थी। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस दुर्घटना स्थल के आसपास सड़क की बनावट और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करें ताकि भविष्य के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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