झारखंड के पाकुड़ में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: शक के अंधेरे में सनकी पति ने पत्नी को पत्थर से कुचला, मासूम बेटी की गला घोंटकर ली जान।
झारखंड के पाकुड़ जिले से एक बेहद ही सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं
- महेशपुर थाना क्षेत्र में बुधवार की रात पारिवारिक विवाद ने धारण किया भयावह रूप, दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में फैली सनसनी और दहशत
- अवैध संबंध के संदेह में बिखर गया एक हंसता-खेलता परिवार, कलयुगी पिता ने अपनी ही 12 वर्षीय संतान को उतारा मौत के घाट, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
झारखंड के पाकुड़ जिले से एक बेहद ही सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक सुदूर गांव में बुधवार की रात को एक व्यक्ति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही पत्नी और सगी मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड की खबर जैसे ही सुबह के समय आसपास के ग्रामीणों को हुई, पूरे इलाके में कोहराम मच गया और हर कोई इस खौफनाक कदम को सुनकर दंग रह गया। आरोपी व्यक्ति ने जिस क्रूरता के साथ इस दोहरे मर्डर को अंजाम दिया, उससे स्थानीय लोगों के बीच गहरा आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त हो गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई।
स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई शुरुआती और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे खौफनाक कांड के पीछे घरेलू विवाद और गहरे अविश्वास की भावना छिपी हुई थी। आरोपी व्यक्ति अपनी चालीस वर्षीय पत्नी के चरित्र पर काफी समय से संदेह करता था, जिसके कारण घर में आए दिन लड़ाई-झगड़े और कलह की स्थिति बनी रहती थी। बुधवार की रात को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। गुस्से से तमतमाए आरोपी ने आपा खो दिया और घर के आंगन में रखे एक भारी-भरकम पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। पत्थर से बुरी तरह कुचले जाने के कारण अत्यधिक खून बहने से महिला ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। यह पूरी दर्दनाक घटना बुधवार की देर रात महेशपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में घटित हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी के मन में अपनी पत्नी के प्रति गहरा संदेह था कि उसका किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध चल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उसने इस भयावह वारदात को अंजाम दिया।
अपनी पत्नी की बेरहमी से जान लेने के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसकी हैवानियत का अगला शिकार उसकी अपनी ही बारह वर्षीय मासूम बेटी बनी। घटना के समय घर में मौजूद बच्ची अपनी मां को बचाने के लिए रोती-बिलखती रही और चिल्लाती रही, लेकिन कलयुगी पिता पर खून सवार था। उसे डर था कि उसकी बेटी इस पूरे कृत्य की मुख्य गवाह बन जाएगी और पुलिस के सामने उसके सारे राज खोल देगी। इसी खौफ और क्रूरता के वशीभूत होकर आरोपी ने अपनी ही कोख से जन्मी मासूम बेटी को दबोच लिया और उसका गला घोंटकर उसे भी हमेशा-हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। एक ही रात में अपनी पत्नी और बेटी दोनों की जीवनलीला समाप्त करने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में ही मौके से फरार होने की फिराक में था।
गुरुवार की अलसुबह जब घर से किसी भी प्रकार की कोई हलचल नहीं सुनाई दी और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो आसपास के पड़ोसियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। जब लोगों ने खिड़की से भीतर झांककर देखा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और मां-बेटी के शव जमीन पर पड़े हुए थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना महेशपुर थाने की पुलिस को दी। सूचना पाकर थाना प्रभारी अपने सहयोगियों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, ताकि मौत के सटीक समय और कारणों का वैज्ञानिक विवरण जुटाया जा सके।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी पति को घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह पूरी तरह से कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी पर किसी अन्य पुरुष के साथ अवैध संबंध होने का पक्का शक था और समझाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती और हिंसक कदम उठाया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने पत्थर को भी घटना स्थल से बरामद कर लिया है, जिसे मुख्य साक्ष्य के तौर पर अदालत में पेश किया जाएगा।
इस दोहरे हत्याकांड ने ग्रामीण इलाकों में सामाजिक ताने-बाने और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अविश्वास और गुस्से के आवेग में आकर किस प्रकार एक व्यक्ति अपने ही परिवार का काल बन जाता है, यह घटना इसका एक ज्वलंत उदाहरण है। गांव के लोगों का कहना है कि आरोपी अमूमन शांत रहता था, लेकिन पत्नी पर शक करने की उसकी आदत ने उसे एक हिंसक अपराधी बना दिया। इस घटना के बाद से मृतका के मायके वालों का भी रो-रोकर बुरा हाल है और वे पुलिस प्रशासन से आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा यानी फांसी की सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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