Agra : आगरा में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश, कोर्ट ने सिकंदरा पुलिस को दिए निर्देश

आरोप में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने गलत तरीके से व्यापार किया, ग्राहकों को मिलने वाली सेवा में कमी रखी और जरूरी तथ्यों को जानबूझकर छिपाया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित द्वारा पहले दिए गए दस्तावेजों का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया और धोखे से नई पॉलि

By INA News Desk
Jun 8, 2026 - 22:30
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Agra : आगरा में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश, कोर्ट ने सिकंदरा पुलिस को दिए निर्देश
Agra : आगरा में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश, कोर्ट ने सिकंदरा पुलिस को दिए निर्देश
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आगरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने एक इंश्योरेंस कंपनी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने के मामले में पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश प्रेमवीर सिंह यादव द्वारा दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिया गया। मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

पीड़ित प्रेमवीर सिंह यादव का आरोप है कि विपक्षी कंपनी 'निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड' और अन्य लोगों ने मिलकर उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश रची। आरोपियों ने पीड़ित को धोखे में रखने के लिए फर्जी मैसेज भेजे और उनकी पुरानी पॉलिसी को रिन्यू यानी आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। इस बहाने से आरोपियों ने पीड़ित से नई पॉलिसी के लिए भुगतान करवा लिया। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित की पुरानी पॉलिसी बीच में ही छूट गई जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।

आरोप में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने गलत तरीके से व्यापार किया, ग्राहकों को मिलने वाली सेवा में कमी रखी और जरूरी तथ्यों को जानबूझकर छिपाया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित द्वारा पहले दिए गए दस्तावेजों का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया और धोखे से नई पॉलिसी जारी कर अवैध रूप से पैसे ऐंठ लिए। पीड़ित ने अपनी शिकायत के समर्थन में पुलिस कमिश्नर को दी गई शिकायत की रसीद, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अदालत में पेश किए।

अदालत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली ने मामले के दस्तावेजों और सबूतों का अध्ययन करने के बाद माना कि पहली नजर में यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इसकी पुलिस जांच होना जरूरी है। अदालत ने पीड़ित के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए सिकंदरा थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में दी गई शिकायतों और तथ्यों के आधार पर तुरंत केस दर्ज करें और नियमानुसार जांच की कार्रवाई पूरी करें।

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