पीतमपुरा तोड़फोड़ मामला- विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जमीयत ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि विधायक द्वारा गिराए गए ढांचे को मस्जिद या मदरसे का हिस्सा बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। हकीकत में वह ढांचा न तो मस्जिद का था और न ही मदरसे का, बल्कि समाज में तनाव पैदा करने के मकसद से इस बात को गलत तरीके से पेश किया गया। आरोप है कि

By INA News Desk
May 25, 2026 - 23:05
51 Views
पीतमपुरा तोड़फोड़ मामला- विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जमीयत ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन
पीतमपुरा तोड़फोड़ मामला- विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जमीयत ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

दिल्ली के पीतमपुरा (शकूर बस्ती) स्थित रामलीला ग्राउंड के पास हुई तोड़फोड़ और बयानबाजी के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक दल ने रानी बाग थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। संगठन के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने मंगोलपुरी के सहायक पुलिस आयुक्त मुरारी लाल और संबंधित थाना प्रभारी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक कर्नैल सिंह पर भड़काऊ बयान देने और कानून को अपने हाथ में लेकर काम करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तुरंत निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। अपनी शिकायत के समर्थन में दल ने पुलिस को घटना से जुड़े कई वीडियो और मीडिया रिपोर्ट भी सौंपे हैं।

सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि विधायक द्वारा गिराए गए ढांचे को मस्जिद या मदरसे का हिस्सा बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। हकीकत में वह ढांचा न तो मस्जिद का था और न ही मदरसे का, बल्कि समाज में तनाव पैदा करने के मकसद से इस बात को गलत तरीके से पेश किया गया। आरोप है कि विधायक ने न केवल वहां दीवार गिरवाने का काम किया, बल्कि इंटरनेट पर ऐसे बयान जारी किए जिससे इलाके का माहौल खराब हुआ। इंटरनेट पर मौजूद एक वीडियो का हवाला देते हुए बताया गया कि विधायक उसमें विवादित बातें कहते दिख रहे हैं। शिकायत में कहा गया कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा भीड़ को इकट्ठा कर किसी खास समुदाय को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है।

जमीयत ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि समाज में वैमनस्यता और नफरत फैलाने तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में विधायक कर्नैल सिंह के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके साथ ही गिराए गए ढांचे के मालिकाना हक की सही जांच कर पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। दल ने मस्जिद में आने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ाने और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की भी मांग की है। इस प्रतिनिधिमंडल में मौलाना आफताब आलम सिद्दीकी, मौलाना मुफ्ती खलील कासमी, कारी मोहम्मद आरिफ कासमी, हाफिज मोहम्मद यूसुफ अल-आजमी, मुफ्ती जाकिर हुसैन कासमी, स्थानीय इमाम मौलाना जमशेद और डॉ. मोहम्मद यूसुफ शामिल रहे।

Also Click : Lucknow : मातृभूमि योजना से संवर रहा ग्रामीण इलाका, उन्नाव के कमालपुर में खुला अत्याधुनिक कला प्रशिक्षण केंद्र

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow