Lucknow : नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेवायोजकों को किया गया जागरूक
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक श्री दिव्य प्रका
श्रम न्याय सेतू पोर्टल का लाइव डेमो, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए शिविर
लखनऊ : केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित ‘‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलाए जा रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को अपर श्रमायुक्त कार्यालय, लखनऊ में नवीन श्रम संहिताओं पर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों तथा सेवायोजकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने मजदूरी संहिता-2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता-2020 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, श्रम कानूनों को सरल बनाना तथा उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सेवायोजकों से अपेक्षा की कि वे संहिताओं की मूल भावना के अनुरूप उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित नियोक्ताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। साथ ही सेवायोजकों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में अन्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को भी इन प्रावधानों के संबंध में जागरूक करें। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नियमावलियों के प्रकाशन के उपरांत पुनः व्यापक स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सेवायोजकों को अनुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में शिप्रा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त, यादवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, अंकित सिंह, शरद, राकेश कुमार पाल, पल्लवी सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, मोहम्मद इम्तेयाज अहमद अंसारी, राम कुमार एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे करम इंडस्ट्री, सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधि, एवररेडी, इन्कॉर्डिओं राइट्स, आमा हर्बल, होटल उद्योग तथा अन्य प्रतिष्ठानों के एचआर प्रबंधक एवं सेवायोजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक दिव्य प्रकाश पाण्डेय ने पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित पक्षकारों ने पोर्टल को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में स्टॉल एवं शिविर लगाए गए। इन शिविरों में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, योजनाओं की जानकारी तथा पात्र लाभार्थियों के आवेदन कराने की व्यवस्था की गई, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं आम नागरिकों को श्रम कानूनों, डिजिटल सेवाओं तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे श्रम क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिल सके।
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