UP News: सिद्धार्थनगर और हरदोई में बनेंगे तीन नए बस स्टेशन, योगी कैबिनेट ने भूमि हस्तांतरण को दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ व बढ़नी और हरदोई के सवायजपुर में तीन नए बस स्टेशन बनाने को मंजूरी दी। राजस्व विभाग से परिवहन निगम को निशुल्क जमीन मिलेगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सुदूर ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में सिद्धार्थनगर और हरदोई जनपदों में कुल तीन नए बस स्टेशनों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी गई। इस फैसले के तहत सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ व बढ़नी तथा हरदोई जनपद की सवायजपुर तहसील में आधुनिक बस अड्डों का निर्माण कराया जाएगा।
कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, इन तीनों स्थलों पर बस स्टेशन स्थापित करने के लिए राजस्व विभाग के स्वामित्व वाली चिन्हित शासकीय भूमि को परिवहन विभाग के पक्ष में पूरी तरह निःशुल्क हस्तांतरित और नामांतरित (म्यूटेशन) किया जाएगा। जमीन उपलब्ध होने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कैबिनेट बैठक के बाद इस निर्णय की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ और बढ़नी कस्बे रणनीतिक तथा व्यापारिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से बढ़नी कस्बा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में सीमा पार आवागमन करने वाले यात्रियों और पर्यटकों का मुख्य ट्रांजिट प्वाइंट है।
अब तक इन कस्बों में सुव्यवस्थित बस टर्मिनल या स्टेशन न होने के कारण लंबी दूरी की बसों को मुख्य सड़कों पर ही रुकना पड़ता था। इससे न केवल यात्रियों को धूप और बारिश में खुले आसमान के नीचे इंतजार करना पड़ता था, बल्कि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न होती थी। इसी प्रकार हरदोई जिले का सवायजपुर क्षेत्र एक प्रमुख ग्रामीण तहसील मुख्यालय है, जहां से जिला मुख्यालय या राजधानी लखनऊ आने-जाने वाले लोगों को नियमित बस सेवाओं के अभाव में डग्गामार वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए बस स्टेशनों के बनने से यह समस्या स्थायी रूप से दूर होगी।
पर्यटन विकास और सुगम आवागमन को नया संबल
सिद्धार्थनगर जनपद भगवान बुद्ध की पावन क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु से सटा हुआ है। हर साल देश और दुनिया भर से बौद्ध भिक्षु और पर्यटक इस अंचल में पहुंचते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक परिवहन अवसंरचना का विकास होने से धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को सीधा संबल मिलेगा।
परिवहन मंत्री के अनुसार, जब किसी कस्बे या तहसील स्तर पर एक सुव्यवस्थित बस स्टेशन तैयार होता है, तो वह केवल बसों के ठहराव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करता है। सड़कों के नेटवर्क का सीधा जुड़ाव सुगम होने से विद्यार्थियों, व्यापारियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा।
व्यापार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर
बस स्टेशनों का निर्माण स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खोलेगा। टर्मिनल परिसरों में टिकट खिड़कियों, प्रतीक्षालयों, स्वच्छ पेयजल बूथों, सार्वजनिक शौचालयों और कैंटीन जैसी नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त:
-
परिसरों में दुकानों, खान-पान के स्टॉल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के आउटलेट खुलने से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
-
ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और स्थानीय टैक्सी चालकों को नियमित यात्री मिलेंगे, जिससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट माइल कनेक्टिविटी) सुदृढ़ होगी।
-
ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान और व्यापारी अपनी उपज और सामान को निकटवर्ती बड़े बाजारों तक आसानी से और किफायती किराए में ले जा सकेंगे।
जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया होगी तेज
कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित दोनों जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि का स्वामित्व निःशुल्क परिवहन विभाग के नाम दर्ज कराने के निर्देश जारी किए जाएंगे। राजस्व विभाग से भूमि का भौतिक कब्जा मिलते ही परिवहन निगम इसका लेआउट प्लान और बजट प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार करेगा।
इस कदम से स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रदेश के बड़े औद्योगिक गलियारों के साथ-साथ तहसील और सीमावर्ती कस्बों में भी सार्वजनिक परिवहन का मजबूत ढांचा खड़ा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य प्रारंभ होने के साथ इन क्षेत्रों के निवासियों को बेहतर और समयबद्ध बस यात्रा की सुविधा मिलनी तय है।
What's Your Reaction?







