Sitapur : नैमिषारण्य के गोमती नदी राजघाट पर बड़ा हादसा, दोस्तों के साथ नहाते समय गहरे पानी में डूबने से बच्चे की मौत

राजघाट के किनारे मौजूद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला। लोग उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैमिषारण्य ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य प

Jun 9, 2026 - 23:19
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Sitapur : नैमिषारण्य के गोमती नदी राजघाट पर बड़ा हादसा, दोस्तों के साथ नहाते समय गहरे पानी में डूबने से बच्चे की मौत
Sitapur : नैमिषारण्य के गोमती नदी राजघाट पर बड़ा हादसा, दोस्तों के साथ नहाते समय गहरे पानी में डूबने से बच्चे की मौत

 रिपोर्ट: सुरेंद्र मोठी INA NEWS संवाददाता नैमिषारण्य

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल नैमिषारण्य से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के अंतर्गत नीमसार स्थित गोमती नदी के राजघाट पर स्नान करते समय एक बच्चे की नदी में डूबने से असमय मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लकड़ियामऊ गाँव का रहने वाला बारह वर्षीय सुमित कुमार पुत्र रामसागर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह दोपहर के समय अपने कुछ दोस्तों के साथ नीमसार स्थित गोमती नदी के राजघाट पर नहाने के लिए गया हुआ था। नदी में स्नान करते समय सुमित अचानक पैर फिसलने या अंदाजा न मिल पाने के कारण काफी गहरे पानी में चला गया, जहाँ तेज बहाव और गहराई की वजह से वह खुद को संभाल नहीं पाया और पानी में डूब गया। बच्चे को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

राजघाट के किनारे मौजूद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला। लोग उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैमिषारण्य ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

अस्पताल के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया और स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय सीतापुर भेज दिया। इस हादसे की खबर मिलते ही मृत बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें ढांढस बंधाने में लोग जुटे रहे।

स्थानीय निवासियों और तीर्थ पुरोहितों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि राजघाट पर इससे पहले भी कई श्रद्धालु और स्थानीय लोग डूबने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। घाट पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती न होने के कारण समय रहते बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि गोमती नदी के राजघाट सहित नैमिषारण्य के सभी मुख्य स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जाए, गहरे पानी के संकेतक बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के लिए पीएसी बल, नाव तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

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