Hapur : बेटियों को गर्भाशय के कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिल रही सुविधा

चिकित्सकों के मुताबिक, महिलाओं में होने वाले गंभीर कैंसरों में गर्भाशय का कैंसर दूसरे नंबर पर आता है, जो खास तौर पर एचपीवी संक्रमण की वजह से फैलता है। अच्छी बात यह है कि चौदह से पंद्रह साल की लड़कियों को सही उम्र में यह टीका लगाकर इस खतरना

By INA News Desk
May 22, 2026 - 23:05
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Hapur : बेटियों को गर्भाशय के कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिल रही सुविधा
Hapur : बेटियों को गर्भाशय के कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिल रही सुविधा

हापुड़ जिले में महिलाओं और किशोरियों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी शुरुआत की गई है। गर्भाशय के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षा देने के लिए एचपीवी टीके लगाने का काम तेजी से चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को स्वस्थ समाज और मजबूत भविष्य की तरफ एक बड़ा कदम माना है।

चिकित्सकों के मुताबिक, महिलाओं में होने वाले गंभीर कैंसरों में गर्भाशय का कैंसर दूसरे नंबर पर आता है, जो खास तौर पर एचपीवी संक्रमण की वजह से फैलता है। अच्छी बात यह है कि चौदह से पंद्रह साल की लड़कियों को सही उम्र में यह टीका लगाकर इस खतरनाक बीमारी के खतरे को पूरी तरह टाला जा सकता है। दुनिया भर के एक सौ साठ से ज्यादा देशों में इस टीके का इस्तेमाल कामयाबी के साथ किया जा रहा है और इसके बहुत अच्छे नतीजे मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और इसका शरीर पर कोई भी बुरा या गलत असर नहीं पड़ता है। खुले बाजार में इस एक टीके की कीमत पांच हजार से नौ हजार रुपये के बीच है, लेकिन सरकार की मदद से यह टीका आम लोगों के लिए सरकारी केंद्रों पर बिल्कुल मुफ्त लगाया जा रहा है।

हापुड़ जिले में यह टीका जिला संयुक्त चिकित्सालय, हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर व धौलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही सिम्भावली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाया जा रहा है। इसके अलावा कोठीगेट के राजकीय महिला चिकित्सालय और रेलवे रोड पिलखुवा स्थित महिला अस्पताल में भी हर दिन सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मुफ्त टीकाकरण की सुविधा दी जा रही है।

टीका लगवाने के लिए लड़की का जन्म प्रमाण पत्र या उम्र से जुड़ा कोई भी सरकारी कागज साथ लाना जरूरी है। जिलाधिकारी ने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की गलत बातों या अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी चौदह से पंद्रह साल की बेटियों को यह टीका जरूर लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि जिले की सभी किशोरियों को इस टीके का सुरक्षा कवच मिले ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

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