Hapur : भीषण गर्मी के बीच आगजनी का खतरा बढ़ा, जिलाधिकारी ने बचाव के लिए निर्देश जारी किए
बिजली के तारों पर बढ़ता लोड, पुराने तार और ढीले कनेक्शन अक्सर आग लगने की मुख्य वजह बनते हैं। इसके साथ ही रसोई गैस का इस्तेमाल और घर या दुकान में ज्वलनशील सामान को असुरक्षित तरीके से रखना खतरे को बढ़ा
हापुड़ में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी कविता मीणा ने जनता के लिए जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में हुई आग की घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तपती धूप में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि इस मौसम में जरा सी चूक भारी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के तारों पर बढ़ता लोड, पुराने तार और ढीले कनेक्शन अक्सर आग लगने की मुख्य वजह बनते हैं। इसके साथ ही रसोई गैस का इस्तेमाल और घर या दुकान में ज्वलनशील सामान को असुरक्षित तरीके से रखना खतरे को बढ़ा देता है। जिला आपदा विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और कारखानों में आग बुझाने के उपकरण और पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखना अब जरूरी है। साथ ही वहां काम करने वालों को आपात स्थिति में बाहर निकलने की जानकारी दी जानी चाहिए।
प्रशासन ने घरों और दुकानों में आईएसआई मार्क वाले बिजली उपकरणों का उपयोग करने और गैस पाइप की नियमित जांच करने को कहा है। किसानों को भी खेतों में फसल के अवशेष न जलाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे आग फैलने का डर रहता है। आग लगने की स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचित करने और लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस भीषण गर्मी में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
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