Sitapur: जल संरक्षण को लेकर जागरूकता की अलख, चौपाल और पदयात्रा से किसानों को किया प्रेरित।
जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खण्ड मिश्रिख के ग्राम इमलिया
रिपोर्ट- संदीप चौरसिया
मिश्रिख सीतापुर जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खण्ड मिश्रिख के ग्राम इमलिया स्थित राजकीय नलकूप संख्या 196 पर प्रभावशाली ग्रामीण चौपाल एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। चौपाल के दौरान किसानों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों जैसे वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज तथा सीमित सिंचाई तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नलकूपों के संचालन में विभागीय निर्देशों का पालन अत्यंत आवश्यक है, ताकि पानी के अनावश्यक दोहन को रोका जा सके और जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम में किसानों की समस्याएं भी गंभीरता से सुनी गईं और उनके समाधान को लेकर खुलकर संवाद किया गया। ग्रामीणों ने विभागीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।
इसी क्रम में राजकीय नलकूप संख्या 359 (मिश्रिख, ग्राम जलेपरा) तथा राजकीय नलकूप संख्या 356 तक विभागीय कर्मचारियों एवं किसानों के साथ पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा के दौरान जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। बाद में दोनों स्थलों पर ग्राम चौपाल आयोजित कर किसानों को बढ़ते जल संकट के प्रति सचेत किया गया। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि आने वाले समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बनने जा रहा है। यदि अभी से पानी बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य में स्थिति चिंताजनक हो सकती है। किसानों को प्रेरित किया गया कि वे अपने खेतों और गांवों में पानी के संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाएं और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। साथ ही शासन के निर्देशानुसार तीनों नलकूप स्थलों पर वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को और मजबूती मिल सके। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता नलकूप प्रथम हिमांशु विक्रम सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए वर्षा जल संचयन एवं जल के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों को नलकूपों के संरक्षण एवं सुरक्षित उपयोग के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में हिमांशु विक्रम सिंह (अधिशासी अभियन्ता), महेन्द्र सिंह (सहायक अभियन्ता), हरेन्द्र कुशवाहा (सहायक अभियन्ता), धर्मेन्द्र सिंह (उपराजस्व अधिकारी), अजय सैनिक (अवर अभियन्ता), प्रशान्त कुमार मौर्य, अशोक कुमार, अनिल सिंह परमार, प्रवीण चौरसिया, अभय पटेल, देवेश यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, दीप कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से स्थानीय किसान शिव कुमार सिंह पुत्र सूरज बख्श सिंह, होरी लाल पुत्र लाल बहादुर, शीतला बक्स सिंह पुत्र मनोहर, ब्रजपाल मौर्य पुत्र गोकरन, मिश्री लाल पुत्र रामआसरे, रवि सिंह पुत्र श्रवण कुमार, राम बहादुर पुत्र महिपाल एवं श्यामा कुमार पुत्र रामदीन सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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