UP Politics: बलिया में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, ब्लॉक प्रमुखों की नियुक्ति और मेरठ एसएसपी थप्पड़ कांड पर कही यह बात
UP Minister Om Prakash Rajbhar Statement: बलिया में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ब्लॉक प्रमुखों की नियुक्ति, मेरठ थप्पड़ कांड और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बलिया जिले के फेफना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रतसड़ में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम में कई समसामयिक मुद्दों पर बेबाक बयान दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने स्थानीय निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह संवैधानिक बताते हुए प्रशासनिक बदलावों की अग्रिम रूपरेखा साझा की। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ में हुए चर्चित पुलिस थप्पड़ कांड में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का खुलकर बचाव किया और विपक्षी नेताओं की कार्यप्रणाली पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। इस जनसभा में दिए गए उनके बयानों के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय निकाय शासन व्यवस्था में हो रहे बदलावों पर बोलते हुए पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय पूरी तरह नियमों के तहत लिया गया है। उन्होंने आगे की व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि जिन ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, उनके स्थान पर भी नियमानुसार प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी। अदालत के संभावित रुख पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इस विषय में कोई कानूनी समीक्षा होती है, तो सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष अपना पूरा विधिक पक्ष और स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर दिया जाएगा, जिसे स्वीकार कर लिया जाएगा।
इसके बाद मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मेरठ के बहुचर्चित थप्पड़ कांड को लेकर मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय के प्रशासनिक कदम का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को लेकर इस मामले में राजनीति की जा रही है, उसका एक आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ पहले से ही कानूनी मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अपराधियों के खिलाफ कानून अपना काम करता है और ऐसे तत्वों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। इस मामले को जातिगत रंग देने वाले लोगों पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग कानून-व्यवस्था की इस कार्रवाई को जाति से जोड़कर देख रहे हैं, वे केवल समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
राजनीतिक हमले के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने विपक्षी नेतृत्व की संपत्तियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक आर्थिक दावों की हकीकत जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाकर रखने वाले नेताओं की सांगठनिक नीतियां जमीन से पूरी तरह कटी हुई हैं। इस जनसंवाद कार्यक्रम में उमड़ी स्थानीय भीड़ के सामने दिए गए इन बयानों के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में नई गर्माहट आ गई है, और विपक्षी दलों की ओर से भी इस पर प्रतिक्रियाएं आनी संभावित हैं।
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