Sambhal: धर्म के नाम पर हत्या का समर्थन नहीं, वंदे मातरम पर फिर दोहराया विरोध - सांसद जियाउर्रहमान बर्क का केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आतंकवाद, वंदे मातरम, कांवड़ यात्रा, सम्भल हिंसा रिपोर्ट और संसद के विभिन्न
उवैस दानिश, सम्भल
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आतंकवाद, वंदे मातरम, कांवड़ यात्रा, सम्भल हिंसा रिपोर्ट और संसद के विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कुलगाम में हिंदुओं की हत्या और धर्म पूछकर लोगों की जान लेने की घटनाओं पर बर्क ने कहा कि धर्म के नाम पर किसी की हत्या या अन्याय का कोई समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि न संविधान इसकी इजाजत देता है और न ही उनका मजहब। दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संसद में पप्पू यादव के पुजारी वेश में पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी सफाई वही दे सकते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों, छात्रों-युवाओं, जौहर यूनिवर्सिटी और मंदिर चंदा मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा और पुष्पवर्षा के सवाल पर बर्क ने कहा कि पुलिस को उसके मूल कर्तव्यों से हटाकर राजनीतिक लाभ के लिए लगाया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सम्भल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट पर सांसद ने रिपोर्ट को "गलत" बताते हुए कहा कि इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उनका आरोप था कि विधानसभा चुनाव से पहले रिपोर्ट पेश कर सरकार राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है और असली जन मुद्दों से ध्यान भटका रही है। प्रधानमंत्री द्वारा आंदोलन में शामिल बच्चों को माफ करने की अपील और दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई जारी रहने पर बर्क ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री माफी की बात कर रहे हैं तो पुलिस कार्रवाई क्यों कर रही है। वंदे मातरम के मुद्दे पर सांसद ने कहा कि उनका विरोध धार्मिक आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय एक ईश्वर की इबादत करता है और राष्ट्रगान का सम्मान करता है, लेकिन राष्ट्रगीत के कुछ शब्द उनके धार्मिक विश्वासों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक विवादों के बजाय रोजगार, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
What's Your Reaction?




