Sambhal: सम्भल में बिजली संकट पर सियासत तेज, सांसद ने उठाए सवाल, मंत्री ने अफसरों को लगाई फटकार
जनपद सम्भल के गेस्ट हाउस में जिला स्तरीय विद्युत समिति की बैठक के दौरान बिजली व्यवस्था, विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं
उवैस दानिश, सम्भल
- सम्भल में बिजली पर सियासत गरम: सांसद ने व्यवस्था पर उठाए सवाल, मंत्री ने अफसरों को लगाई फटकार, विधायक बोले– दो-दो घंटे भी नहीं मिल रही बिजली
जनपद सम्भल के गेस्ट हाउस में जिला स्तरीय विद्युत समिति की बैठक के दौरान बिजली व्यवस्था, विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं के प्रचार को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी चर्चा हुई। बैठक में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी और सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव ने अलग-अलग मुद्दों पर अधिकारियों को घेरा।
जिला विद्युत समिति के अध्यक्ष एवं सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि RDSS योजना के तहत हुए कार्यों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को समय पर दी जाए और नए प्रस्ताव भी उनसे लेकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाएं। सांसद ने उपभोक्ताओं को समय पर बिजली कनेक्शन देने और लोड वृद्धि से जुड़ी नई नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी कोई नीति नहीं होनी चाहिए जिससे जनता को नुकसान हो। वहीं मंत्री गुलाब देवी ने स्पष्ट कहा कि सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विभाग इन कार्यों का प्रचार-प्रसार सही तरीके से नहीं कर रहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को यह पता चलना चाहिए कि सरकार उनके हित में कितना काम कर रही है। साथ ही चंदौसी क्षेत्र की गणेश कॉलोनी और ग्रामीण इलाकों में लकड़ी के बांसों पर लटके बिजली तारों का मुद्दा उठाते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उधर सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव ने बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही और 18 घंटे आपूर्ति के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। विधायक ने कहा कि कई क्षेत्रों में दो से तीन घंटे भी बिजली नहीं मिलती। उन्होंने गुन्नौर विधानसभा में नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, नए फीडर और कई गांवों को दूसरे बिजलीघर से जोड़ने की मांग भी दोहराई। बैठक में बिजली व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए, जिससे साफ है कि संभल में बिजली आपूर्ति और विकास कार्य आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने रह सकते हैं।
What's Your Reaction?




