Kanpur : कानपुर में कर्बला के शहीदों की याद में लगा हुसैनी लंगर, भाईचारे की दिखी मिसाल
इस लंगर में बहुत बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पहुंचकर भोजन और शर्बत ग्रहण किया। आयोजन की खास बात यह रही कि यहां हर समाज के लोग एक साथ मिलकर सेवा करते और प्रसाद लेते नजर आए, जिससे समाज में आपसी भाईचारे और एकता का एक बहुत बड़ा संदेश गया।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
कानपुर के मॉल रोड पर कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन की याद में एक बड़े हुसैनी लंगर का आयोजन किया गया। पिछले कई सालों से लगातार हो रहे इस कार्यक्रम में सभी धर्मों और समाज के लोग बहुत उत्साह के साथ शामिल होते हैं। इस आयोजन का मुख्य मकसद कर्बला के महान और पवित्र संदेश को हर इंसान तक पहुंचाना है। आयोजकों ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद की गलत सोच के आगे झुकने से साफ मना कर दिया था। उन्होंने भूख, प्यास और हर तरह की तकलीफों को सहते हुए इंसानियत, न्याय और हक के लिए अपने पूरे परिवार के साथ अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इसी नेक संदेश को आगे बढ़ाने के लिए आम जनता के लिए खाने और पीने के पानी का पूरा इंतजाम किया गया।
इस लंगर में बहुत बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पहुंचकर भोजन और शर्बत ग्रहण किया। आयोजन की खास बात यह रही कि यहां हर समाज के लोग एक साथ मिलकर सेवा करते और प्रसाद लेते नजर आए, जिससे समाज में आपसी भाईचारे और एकता का एक बहुत बड़ा संदेश गया। वहां मौजूद प्रबंधकों ने कहा कि इमाम हुसैन की सीख किसी एक धर्म या वर्ग के लिए नहीं है, बल्कि वह पूरी दुनिया के इंसानों के लिए है। कर्बला की यह ऐतिहासिक घटना हमें हमेशा गलत के खिलाफ खड़े होने और मानवता की भलाई के लिए काम करने की सीख देती है।
मॉल रोड पर हुए इस लंगर ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि इमाम हुसैन की बातें आज भी लोगों को आपस में प्यार, सद्भाव और मिलकर रहने का रास्ता दिखाती हैं। यही कारण है कि हर साल इस आयोजन में लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है और लोग कर्बला के शहीदों को याद कर उन्हें नमन करते हैं। इस खास अवसर पर हशम अब्बास, इमरान सिद्दीकी, डॉक्टर जुल्फिकार अली रिजवी, हैदर नकवी, इब्ने हसन जैदी, राशिद अली जैदी, रिजवान कुरैशी, डॉ इमरान इदरीसी, हैदर अली, तज्जु, मर्फी और समर ज़ैदी मुख्य रूप से उपस्थित रहकर व्यवस्था संभालते नजर आए।
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