Sambhal : “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा सम्भल, सातवीं मोहर्रम के विशाल जुलूस में उमड़ा आस्था का सैलाब

विभिन्न मोहल्लों और सरायों के अलम मुख्य जुलूस में शामिल होते गए, जिससे पूरे शहर में अकीदत और मातम का माहौल बना रहा। रास्ते भर अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी और मातम किया गया।

Jun 23, 2026 - 17:25
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Sambhal : “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा सम्भल, सातवीं मोहर्रम के विशाल जुलूस में उमड़ा आस्था का सैलाब
Sambhal : “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा सम्भल, सातवीं मोहर्रम के विशाल जुलूस में उमड़ा आस्था का सैलाब

Report : उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल में सातवीं मोहर्रम पर शिया और सुन्नी समुदाय की ओर से निकाले गए अलम और मातमी जुलूसों ने पूरे शहर को गम-ए-हुसैन की याद में रंग दिया।

सुबह से शुरू हुए धार्मिक आयोजनों में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए और पूरे रास्ते “या हुसैन, या हुसैन” की सदाएं बुलंद होती रहीं।

शिया समुदाय की ओर से मियां सराय स्थित इमामबारगाह से अलम का जुलूस प्रारंभ हुआ, जो विभिन्न इमामबाड़ों और मस्जिदों से होकर निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़ा।

इसके बाद दोपहर में मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष रफीक राही के नेतृत्व में मुख्य जुलूस निकाला गया, जिसमें अनुमानित 20 से 25 हजार अकीदतमंदों ने शिरकत की।

जुलूस कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा, चमन सराय, सब्जी मंडी, कोर्ट पूर्वी, फड़, इमामबाड़ा जहांगीर, कदम रसूल और नखासा चौराहे समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।

विभिन्न मोहल्लों और सरायों के अलम मुख्य जुलूस में शामिल होते गए, जिससे पूरे शहर में अकीदत और मातम का माहौल बना रहा। रास्ते भर अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी और मातम किया गया।

वहीं, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह सबीलें लगाकर श्रद्धालुओं को शर्बत और ठंडा पानी वितरित किया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।

देर शाम जुलूस तिलंगो वाली मस्जिद, तीमरदास सराय पहुंचकर सकुशल संपन्न हुआ।

सातवीं मोहर्रम का यह ऐतिहासिक जुलूस सम्भल में अमन, भाईचारे और हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद का प्रतीक बन गया।

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