Sambhal : मुहर्रम से लेकर मुस्लिम सीएम, मदरसा बजट, ओवैसी विवाद और यूसीसी तक... सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने खोले सियासत के कई मोर्चे
AIMIM नेता द्वारा असदुद्दीन ओवैसी की तुलना हजरत इमाम हुसैन से किए जाने पर बर्क ने सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी नेता, चाहे वह ओवैसी हों, जियाउर्रहमान बर्क हों या कोई आम इंसान, हजरत इमाम हुसैन के मुकाम की बराबरी नहीं कर सकता।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुहर्रम, पश्चिम बंगाल में मदरसों के बजट में कटौती, AIMIM नेता के बयान, लखनऊ अग्निकांड, 2027 के चुनाव और यूसीसी जैसे कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। अलम के जुलूस के दौरान मीडिया से बातचीत में बर्क ने कहा कि मुहर्रम का महीना गम और कुर्बानी का महीना है। हजरत इमाम हुसैन ने जुल्म और अन्याय के सामने झुकने के बजाय शहादत को चुना और पूरी दुनिया को हक, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम दिया।
पश्चिम बंगाल में मदरसों के बजट में कटौती पर सांसद ने कहा कि शिक्षा किसी भी माध्यम से दी जाए, वह शिक्षा ही होती है। मदरसों का बजट कम करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है जो तालीम के प्रति सकारात्मक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण व्यवस्था को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
AIMIM नेता द्वारा असदुद्दीन ओवैसी की तुलना हजरत इमाम हुसैन से किए जाने पर बर्क ने सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी नेता, चाहे वह ओवैसी हों, जियाउर्रहमान बर्क हों या कोई आम इंसान, हजरत इमाम हुसैन के मुकाम की बराबरी नहीं कर सकता। उन्होंने ऐसे बयान को "घटिया राजनीति" बताते हुए कहा कि धर्म और राजनीति की इस तरह तुलना करना गलत है और बयान देने वालों को माफी मांगनी चाहिए।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड पर सांसद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। 2027 में मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की मांग पर बर्क ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में प्राथमिकता ऐसी सरकार चुनने की होनी चाहिए जो सभी वर्गों को न्याय दे सके।
वहीं यूसीसी और वंदे मातरम के मुद्दे पर प्रस्तावित आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि यदि कोई कदम मुस्लिम समाज और संविधान के हित में होगा तो वह उसका समर्थन करेंगे। सांसद के इन बयानों ने मुहर्रम के मौके पर सियासी और सामाजिक दोनों हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
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