देवदेवेश्वर नाथ धाम जाने वाले बाईपास पर पसरा अंधेरा, कांवड़ियों की आस्था के साथ सुरक्षा भी दांव पर, आदेशों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर
नैमिषारण्य में श्रावण के दूसरे सोमवार से पहले देवदेवेश्वर नाथ धाम जाने वाले मार्ग पर छाया अंधेरा। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल।
रिपोर्ट: सुरेंद्र मोठी INA News, संवाददाता नैमिषारण्य
नैमिषारण्य (सीतापुर) : श्रावण मास के दूसरे सोमवार को लेकर नैमिषारण्य धाम में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचना शुरू हो गया है। एक ओर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर देवदेवेश्वर नाथ महादेव मंदिर जाने वाले प्रमुख बाईपास मार्ग पर शाम ढलते ही अंधेरा श्रद्धालुओं की राह रोकता नजर आ रहा है।
श्रावण मास शुरू होने से पहले शासन-प्रशासन के आला अधिकारियों द्वारा नैमिषारण्य धाम का निरीक्षण कर कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, देवदेवेश्वर नाथ धाम को जाने वाले प्रमुख बाईपास मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
अंधेरे में पैदल कांवड़ यात्रा, हर कदम पर खतरा
बता दे कि नैमिष धाम के कृष्णस्पर्श होटल से पहला आश्रम मोड़ तक इस बीच कंही भी प्रकाश जैसी व्यवस्था नहीं की गई है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मंदिर की ओर जाते हैं। कांवड़ियों के जत्थे भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके अलावा सैकड़ों श्रद्धालु दोपहिया वाहनों से भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होना किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सबसे गंभीर सवाल सुरक्षा को लेकर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंधेरा होते ही मार्ग के आसपास शराब, जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त संदिग्ध लोगों का जमावड़ा होने लगता है। इससे रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों और महिला श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते बाईपास मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, प्रकाश व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो अंधेरा किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकता है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दूसरे सोमवार से पहले ही देवदेवेश्वर नाथ मंदिर जाने वाले बाईपास मार्ग को पर्याप्त रोशनी से जगमग किया जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की प्रभावी गश्त और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन के निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं या दूसरे सोमवार से पहले नैमिषारण्य के इस अंधेरे बाईपास मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रोशनी और सुरक्षा दोनों नजर आती हैं।
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