हाथरस के रुदायन से रामघाट रवाना हुआ कांवड़ जत्था, गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग
हाथरस के रुदायन से रामघाट के लिए कांवड़ जत्था रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने गंगाजल लाने के साथ ही गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प लिया।
हाथरस के रुदायन से रामघाट रवाना हुआ कांवड़ जत्था, गाय को 'राष्ट्रमाता' घोषित कराने का लिया संकल्प
हाथरस जिले के गांव रुदायन से कांवड़ियों का एक विशेष जत्था पवित्र गंगाजल लेने के लिए रामघाट के लिए रवाना हुआ। धार्मिक आस्था के साथ निकले इस कांवड़ जत्थे का मुख्य उद्देश्य गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने का सामाजिक और राष्ट्रीय संदेश देना है। अपने इस संकल्प को अभिव्यक्त करने के लिए श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के दौरान अपने साथ गोवंश को भी लेकर निकले हैं।
गौसेवा और सनातन परंपरा को समर्पित इस यात्रा को लेकर रुदायन और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा की शुरुआत से पूर्व श्रद्धालुओं ने गांव में विधि-विधान से पूजन किया और 'हर-हर महादेव' तथा 'जय गौमाता' के जयघोष के साथ प्रस्थान किया। मार्ग में स्थान-स्थान पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और आरती उतारकर कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया।
इस यात्रा में सीटू पंडित, गौरांश पंडित, प्रवीन चौधरी, कांता राजपूत, सूरज पंडित, प्रिंस पंडित, पिंटू ठाकुर, रवि कश्यप, लवकुश चौधरी, आशीष पंडित, विष्णु ठाकुर, मोहित पंडित, बॉबी चौधरी और चेतन पंडित शामिल हैं। कांवड़ियों ने बताया कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि देश की संस्कृति, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है। जब तक गोवंश को राष्ट्रमाता का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक वे इस प्रकार के जनजागरण अभियान और धार्मिक यात्राओं के माध्यम से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
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