बड़ी सुविधाः योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बनाया स्मार्ट, ओटीआर से बढ़ेगी पारदर्शिता, पीईटी परीक्षा का स्कोर तीन वर्ष तक रहेगा मान्य

योगी सरकार की इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पीईटी परीक्षा का स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी के पास एक से अधिक वैध पीईटी स्कोर होंगे तो भविष्य की भर्ती में वह अपने सर्वाधिक अंक वाले स्कोर का उपयोग कर सकेगा।

Jul 14, 2026 - 23:08
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बड़ी सुविधाः योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बनाया स्मार्ट, ओटीआर से बढ़ेगी पारदर्शिता, पीईटी परीक्षा का स्कोर तीन वर्ष तक रहेगा मान्य

  • 14 जुलाई से शुरू हुई नि:शुल्क वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, बार-बार आवेदन की झंझट खत्म
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से यूपीएसएसएससी में शुरू हुई ओटीआर व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सुविधा देते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से 14 जुलाई 2026 से वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू कर दी है। यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क है और भविष्य में होने वाली पीईटी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित, तेज और अभ्यर्थी हितैषी बनाना है।

एक बार दर्ज करना होगा विवरण

ओटीआर व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपना व्यक्तिगत विवरण केवल एक बार दर्ज करना होगा। इसके बाद भविष्य की भर्तियों में वही जानकारी स्वतः उपलब्ध रहेगी और बार-बार फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अभ्यर्थियों को मोबाइल नंबर और ई-मेल के माध्यम से ओटीआर सत्यापन कराना होगा। साथ ही नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जाति, पता और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। छह माह के भीतर की रंगीन फोटो और निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे।

पीईटी स्कोर का मिलेगा पूरा लाभ

योगी सरकार की इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पीईटी परीक्षा का स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी के पास एक से अधिक वैध पीईटी स्कोर होंगे तो भविष्य की भर्ती में वह अपने सर्वाधिक अंक वाले स्कोर का उपयोग कर सकेगा। इससे योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पारदर्शी

ओटीआर प्रणाली भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से अभ्यर्थियों का डेटा सुरक्षित रहेगा और आवेदन प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना कम होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ओटीआर नंबर जारी होने के बाद दर्ज विवरण में संशोधन नहीं किया जा सकेगा, इसलिए अभ्यर्थियों को सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरनी होंगी।

युवाओं के लिए पूरी तरह नि:शुल्क सुविधा

योगी सरकार ने इस सुविधा को सभी नए और पुराने अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रखा है। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक से अधिक युवा आसानी से भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। तकनीक आधारित यह पहल सरकारी नौकरियों की आवेदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाते हुए लाखों युवाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगी। ओटीआर व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में डिजिटल सुशासन और युवा हितैषी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी घोषणा 

वन टाइम रजिस्ट्रेशन की अवधारणा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2023 में बढ़ावा दिया था। उस समय मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए ओटीआर पोर्टल और नई वेबसाइट का लोकार्पण करते हुए कहा था कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल तथा सुगम बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

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