पीलीभीत में बढ़ रहा है यूपी के राजकीय पक्षी सारस का कुनबा, शीतकालीन सारस गणना से ग्रीष्मकालीन सारस गणना में हुई वृद्धि
जनपद में उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस का कुनबा तेजी के साथ बढ़ रहा है शीतकालीन सरस गणना से ग्रीष्मकालीन सारस
कुँवर निर्भय सिंह
पीलीभीत: जनपद में उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस का कुनबा तेजी के साथ बढ़ रहा है शीतकालीन सरस गणना से ग्रीष्मकालीन सारस गणना में तेजी के साथ हुई वृद्धि । इसको लेकर वन एवं वन्य जीव प्रभाग और वन जीव प्रेमियों में खुशी है।जैव विविधता संरक्षण एवं आर्द्रभूमि प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा आर्द्रभूमियों के प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से सारस गणना का आयोजन कराया जा रहा है जिसके अन्तर्गत जनपद की तीनों रेंजों पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर में 22 एवं 23 जून2026 को सारस गणना का कार्य कराया गया। जिसमें पीलीभीत रेंज के टाह 03, नगरिया कालोनी 06,भगतनिया 02, जोशी कालोनी 02, सूरजपुर 02,तुर्कपुर वडबार 02,कैच02 ,सडिया 03,
कुल 25 सारस पाएं गए।
बीसलपुर के सुहास 04, बरखेड़ा 05, बहादुर पुल हुमकी 03,मैनी झील07, करेली झाबर 07, बमरौली झाबर 08, चौसर हरदो पट्टी 08,लमुआ 03, अर्जुनपुर 02,गहौनिया 18 पाएं गए। कुल 65 व्यस्क सारस 10 सारस बच्चे पाएं गए। पूरनपुर रेंज के हरदोई ब्रांच नहर रम्पुरा पुल के पास 03, घाटमपुर घुंघचाई दियूरिया मार्ग 07, पिपरिया संतोष 02, भरारी व लैहारी 06 कुल 18 सारस पाएं गए।
तीनों रेंजों में 98 व्यस्क सारस और 10 सारस बच्चे सहित कुल 108 सारस पक्षी पाएं गए।
शीतकालीन सारस गणना जो 15 एवं 16 दिसंबर 2025 को की गई थी जिसमें 89 व्यस्क एवं 09 सारस बच्चे सहित कुल 98 सारस पाएं गए थे।
सारस को स्वस्थ आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक प्रजाति माना जाता है। अतः यह गणना प्रदेश की आर्द्रभूमियों, दलदली क्षेत्रों, तालाबों एवं कृषि परिदृश्यों की पारिस्थितिक स्थिति के आकलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सारस के महत्वपूर्ण प्रजनन एवं घोंसले बनाने वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, संभावित खतरों का आकलन किया जाएगा तथा वैज्ञानिक आधार पर संरक्षण एवं आवास प्रबंधन की प्रभावी रण नीतियाँ तैयार की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी होने के कारण सारस का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सम्मिलित है।
भरत कुमार डी के प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्य जीव प्रभाग
पीलीभीत ने बताया जनपद की तीनों रेंजों में शीतकालीन सारस गणना वर्ष 2025 से ग्रीष्मकालीन सारस गणना वर्ष 2026 में संख्या वृद्धि हुई है।
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