हाईकोर्ट के आदेश पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार साल पुराने कब्जे पर कार्रवाई; जमीन खाली कराकर दिलाया कब्जा
सम्भल जिले में भूमि विवाद के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध कब्जा हटवाकर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जिले में भूमि विवाद के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध कब्जा हटवाकर जमीन के वास्तविक स्वामी को कब्जा दिलाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
भूमि पर कब्जा किए बैठे इस्तेखार ने बताया कि करीब 23 साल पहले उन्होंने 50 हजार रुपये में रहने के लिए यह जमीन खरीदी थी, लेकिन उसका रजिस्टर्ड बैनामा नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि बाद में विक्रेता ने बेईमानी करते हुए जमीन किसी और के नाम कर दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन खाली कराने आया है तो वे अपना सामान हटाकर जगह खाली कर देंगे। उनके अनुसार आज इस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये हो चुकी है। वहीं अब्बास हैदर ने दावा किया कि वर्ष 2022 में उनकी माता के नाम इस जमीन का विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा हुआ था और दाखिल-खारिज भी हो चुकी है। उनका आरोप है कि शमशाद और इस्तेखार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने बताया कि डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। एसडीएम न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर उनके पक्ष में फैसला देते हुए कब्जा हटाने का आदेश दिया। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 1890 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा चार वर्ष पहले मुसब्बिरा खातून के नाम हुआ था और दाखिल-खारिज भी हो चुकी थी। इसके बावजूद कब्जा नहीं मिल सका। हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटवाया और जमीन का कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी कराई।
Also Read- मोहन भागवत का बड़ा बयान: विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए लोग शरणार्थी नहीं, विस्थापित योद्धा थे
What's Your Reaction?




