हाथरस के विद्यापीठ इंटर कॉलेज में किशोर न्याय पर जागरूकता शिविर: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

हाथरस के विद्यापीठ इंटर कॉलेज में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और किशोर न्याय कानून की जानकारी दी गई।

By INA News Desk
Jul 14, 2026 - 21:44
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हाथरस के विद्यापीठ इंटर कॉलेज में किशोर न्याय पर जागरूकता शिविर: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
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विद्यापीठ इंटर कॉलेज में बच्चों को दी सरकारी योजनाओं और किशोर न्याय कानून की जानकारी, पुनर्वास पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में स्कूली बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कस्बे में स्थित विद्यापीठ इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में किशोर न्यायालय से आए हरिमोहन शर्मा और विधि सह परिवीक्षा अधिकारी दीपक चौहान ने हिस्सा लिया। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को बच्चों से जुड़े कानूनों और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने वाली योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।

इस पाठशाला के दौरान प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) और कन्या सुमंगला योजना के बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अठारह वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को आर्थिक व सामाजिक सहायता दी जाती है, जिन्होंने किन्हीं कारणों से अपने माता-पिता या उनमें से किसी एक को खो दिया है। इसके अलावा, जो युवा कोविड-19 महामारी के समय अनाथ हो गए थे, उन्हें अठारह से तेईस वर्ष की आयु तक इस योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों ने किशोर न्याय कानून से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा अनजाने में किए गए किसी भी गैर-कानूनी या समाज-विरोधी कार्य को अपराध की श्रेणी में रखने के बजाय सुधार की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे मामलों में कानूनन सख्त सजा देने के बजाय बच्चों के सुधार, शिक्षा और समाज की मुख्यधारा में उनके पुनर्वास पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इस कानूनी ढांचे के तहत प्रभावित बच्चों को न्याय की भाषा में बालक माना जाता है, अपराधी नहीं। इस अवसर पर अरुण कुमार कौशिक, संजय कुमार, राजीव कुमार, भारत सिंह, प्रियंका, विनय कुमार, नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, शिवानी, शिवम कुशवाहा, सतीश कुमार, यश कुशवाहा और जितेन्द्र कुशवाहा सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और भारी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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