Gorakhpur News: गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय में बालक-बालिका छात्रावास का उद्घाटन, सीएम योगी ने बांटी चाबियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में नए छात्र-छात्रा छात्रावासों का उद्घाटन कर बच्चों को चाबियां सौंपी।
गोरखपुर जिले को उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय में नवविशाल छात्र और छात्रा छात्रावास भवनों का विधिवत उद्घाटन किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने बालक छात्रावास का नामकरण अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पावन स्मृति में किया, जबकि बालिका छात्रावास का नाम राप्ती भवन रखा गया है। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रावास आवंटित पाने वाले आयुर्वेद के छात्र-चिकित्सकों को उनके कमरों की चाबियां सौंपी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने परिसर में बन रहे विशाल प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
समारोह की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग का भटहट मोड़ पर लोकार्पण करने के बाद सीधे आयुष विश्वविद्यालय के परिसर पहुंचे। वहाँ उन्होंने दोनों नए भवनों का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने छात्रावास के विभिन्न कमरों, भोजन कक्ष और गैलरी का बारीकी से निरीक्षण कर वहां छात्रों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि मच्छरों व कीड़ों से बचाव के लिए सभी खिड़कियों पर मजबूत जाली लगवाई जाए, पूरे परिसर में सफाई की उत्तम व्यवस्था रखी जाए और भोजनालय (मेस) में छात्रों को हमेशा पौष्टिक व उच्च गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जाए। उन्होंने एमडी आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
छात्रावास के उद्घाटन सत्र के उपरांत मुख्यमंत्री ने परिसर में निर्माणाधीन भव्य ऑडिटोरियम का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अभियंताओं और अधिकारियों ने उन्हें अब तक हुए कार्यों की तकनीकी प्रगति से अवगत कराया। निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कार्य की गति को और तेज किया जाए ताकि इसे जल्द से जल्द जनहित में समर्पित किया जा सके। उन्होंने हिदायत दी कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और कार्य में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। विश्वविद्यालय आगमन पर कुलपति डॉक्टर के रामचंद्र रेड्डी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
यह आयुष विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री के सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। इस संस्थान की नींव तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा रखी गई थी, जिसके बाद इसका भव्य लोकार्पण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ था। इस संस्थान के पूर्ण रूप से चालू हो जाने से उत्तर प्रदेश सहित आस-पास के राज्यों के युवाओं को पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के आधुनिक अवसर सुलभ हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र के छात्रों और विकास योजनाओं को एक नई ऊर्जा मिली है।
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