देवबंद में सरकारी जमीन पर मस्जिद और मदरसे के निर्माण का मामला: संचालकों ने सौंपे कागजात, अब अगली सुनवाई पर फैसला
देवबंद में सरकारी भूमि पर मस्जिद और मदरसे के निर्माण के आरोपों को लेकर संचालकों ने तहसील में अपने दस्तावेज जमा कराए हैं। प्रशासन अब इन कागजातों की जांच कर रहा है।
सहारनपुर जिले में स्थित देवबंद इलाके में सरकारी जमीन पर कथित तौर पर मस्जिद और मदरसों के निर्माण का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद विभिन्न धार्मिक स्थलों और संस्थाओं के संचालक सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचे। सभी पक्षों ने तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखा और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े राजस्व कागजात सौंपे। प्रशासन ने इन सभी दस्तावेजों को लेकर अब जांच शुरू कर दी है और मामले की अगली सुनवाई के लिए आने वाले दिनों की एक तिथि तय की है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने अंबेहटा शेखां, पांडोली, सोहनचिड़ा, चहलोली और पहाड़पुर जैसे गांवों में सरकारी भूमि पर बने धार्मिक ढांचों और मदरसों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया था। इसके तहत सभी मुतवल्लियों और संचालकों को तहसील में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा गया था। तय समय पर पहुंचे सभी पक्षों ने तहसीलदार पुष्पांकर देव के सामने भूमि से जुड़े कागजात और ओनरशिप के प्रमाण पेश किए।
राजस्व विभाग अब इन सभी उपलब्ध कराए गए कागजातों और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान करेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से भी इस विषय में रिपोर्ट मांगी जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंबेहटा शेखां मदरसे के संचालक मोहम्मद सलीम ने इस विषय पर बताया कि वे अपने पक्ष को सही साबित करने के लिए सभी जरूरी सरकारी कागजात प्रशासन को दे रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
जिले में सरकारी जमीनों से अवैध निर्माण हटाने और उनकी स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत अलग-अलग संस्थानों की जमीनों की जांच की जा रही है। अब सभी पक्षों की नजरें प्रशासन की अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जहां से इस पूरे मामले की आगे की दिशा तय होगी।
इस पूरे विषय पर देवबंद के तहसीलदार पुष्पांकर देव ने बताया कि सभी मस्जिदों के मुतवल्लियों और मदरसा संचालकों ने अपने-अपने दस्तावेज कार्यालय में जमा कर दिए हैं। अब इन साक्ष्यों और राजस्व रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला एक न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है, इसलिए न्यायालय से बाहर इस पर अधिक टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा।
Also Click : Hardoi News: इनर व्हील क्लब हरदोई डीओडी का 11वां अधिष्ठापन समारोह संपन्न, सोनिया मिश्रा बनीं नई अध्यक्ष
What's Your Reaction?




