Pune Lohagad Fort Case: ट्रैकिंग हादसा या मंगेतर की साजिश? केतन अग्रवाल मौत मामले में बड़ा खुलासा
पुणे के लोहागढ़ किले में 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब कथित हत्या की जांच में बदल गया है। पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है।
- Ketan Agarwal Lohagad Fort: मंगेतर और उसका प्रेमी गिरफ्तार, पुणे के लोहागढ़ किला मामले में पुलिस का बड़ा दावा
- हादसा नहीं हत्या! पुणे के लोहागढ़ किले में मंगेतर ने प्रेमी संग मिलकर रची थी खौफनाक साजिश, ऐसे खुला राज
- पुणे लोहागढ़ किला मामला: 3 हफ्ते में हादसे से हत्या में बदला केस, मंगेतर और उसका कथित प्रेमी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऐतिहासिक लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) में हुई एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बीते 18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की किले की एक ऊंची चट्टान से गिरकर मौत हो गई थी, जिसे शुरुआती दौर में ट्रैकिंग के दौरान हुआ एक सामान्य हादसा माना जा रहा था। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस की तीन सप्ताह की सघन जांच के बाद यह पूरा मामला अब एक सुनियोजित और कथित हत्या की साजिश में तब्दील हो गया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए केतन की 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंधों और जबरन तय की गई शादी से नाखुश होने के कारण इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में आगे की कानूनी व फॉरेंसिक जांच जारी है।
यह घटना पुणे के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोहागढ़ किले की है, जहां 18 जून को ट्रेकर्स और पर्यटकों के बीच उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक गहरी खाई में जा गिरा। मृतक की पहचान केतन अग्रवाल (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई। शुरुआती सूचनाओं के आधार पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इसे एक दर्दनाक हादसा माना था, जिसमें पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से युवक नीचे गिर गया था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कड़ियां जुड़ती गईं और तीन हफ्तों के भीतर ही इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसे एक आपराधिक साजिश के तहत की गई हत्या का मामला मानते हुए दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, जांच का मुख्य केंद्र बिंदु अब उस चट्टान का वह कुछ फीट का हिस्सा बन गया है, जहां से केतन नीचे गिरे थे। फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने दावा किया है कि यह केवल एक हादसा नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश छिपी हुई थी।
आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह चेतन चौधरी नामक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी। अपनी शादी को रोकने और केतन को रास्ते से हटाने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर एक खतरनाक योजना बनाई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों ने वारदात से पहले कई बार कैफे में मुलाकातें की थीं। इतना ही नहीं, पुलिस का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने इस घटना को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर रिहर्सल भी की थी और इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने की एक असफल कोशिश की जा चुकी थी। योजना के मुताबिक, 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाया गया, जहां मौका पाकर उसे चट्टान से नीचे धक्का दे दिया गया।
इस मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मौजूद हैं। कैफे की मुलाकातों के रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स के आधार पर ही इस साजिश का पर्दाफाश हो पाया है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर ले चुकी है ताकि आगे की कड़ियों को पूरी तरह से जोड़ा जा सके। दूसरी ओर, आरोपियों के परिजनों या उनके कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक रक्षात्मक बयान सामने नहीं आया है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान ही आरोपियों का पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।
इस सनसनीखेज खुलासे ने न केवल मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय समाज और ट्रेकर्स समुदाय को भी झकझोर कर रख दिया है। लोहागढ़ किला सप्ताहांत में पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए एक पसंदीदा स्थान माना जाता है, लेकिन इस तरह की घटना के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था और एकांत स्थानों पर पर्यटकों की आवाजाही को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। इसके साथ ही, यह मामला आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं और उसमें उपजे अपराध बोध को भी रेखांकित करता है।
पुणे ग्रामीण पुलिस अब उस घटना स्थल (क्राइम सीन) का री-क्रिएशन करने की तैयारी में है ताकि अदालत के समक्ष पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए जा सकें। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है कि क्या इस पूरी साजिश में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल करेंगे ताकि पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके। दोनों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक अथवा पुलिस हिरासत में रखा गया है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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