Lakhimpur- Kheri : ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे लोग, सदर तहसील में लेटलतीफी से दाखिले और योजनाओं का छूट रहा लाभ

आवेदकों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट लगाने के बहाने उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। कभी हल्का लेखपाल अपनी सीट पर नहीं मिलते, तो कभी कानूनगो या नायब तहसीलदार के दस्तखत के लिए फाइल अटकी रहती है। तहसील के कर्मचारियों द्वारा सीधे आवेदन जमा न

May 27, 2026 - 21:56
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Lakhimpur- Kheri : ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे लोग, सदर तहसील में लेटलतीफी से दाखिले और योजनाओं का छूट रहा लाभ
Lakhimpur- Kheri : ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे लोग, सदर तहसील में लेटलतीफी से दाखिले और योजनाओं का छूट रहा लाभ

लखीमपुर खीरी की सदर तहसील में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का प्रमाणपत्र बनवाने आ रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। प्रमाणपत्र बनाने के काम में हो रही देरी और जिम्मेदार कर्मचारियों के समय पर न मिलने की वजह से लोग कई दिनों से तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। एक हफ्ते से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी बहुत से आवेदकों को अब तक अपना प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है।

आवेदकों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट लगाने के बहाने उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। कभी हल्का लेखपाल अपनी सीट पर नहीं मिलते, तो कभी कानूनगो या नायब तहसीलदार के दस्तखत के लिए फाइल अटकी रहती है। तहसील के कर्मचारियों द्वारा सीधे आवेदन जमा न किए जाने के कारण आवेदकों को खुद ही अलग-अलग दफ्तरों में जाकर अधिकारियों को ढूंढना पड़ता है और उनके दस्तखत कराने पड़ते हैं। तहसील परिसर में लेखपालों के बैठने का कोई निश्चित समय तय न होने से यह समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। क्षेत्र में जाने की बात कहकर वे ज्यादातर अपनी सीट से नदारद रहते हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है। इस ढीली व्यवस्था का सीधा नुकसान उन पात्र लोगों को उठाना पड़ रहा है, जो समय पर कागजात न बन पाने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और स्कूल-कॉलेजों में दाखिला कराने से वंचित हो रहे हैं। परेशान लोगों ने तहसील प्रशासन से मांग की है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए एक ही जगह खिड़की की व्यवस्था की जाए, जहां कागज जमा होने के बाद विभाग खुद ही अंदरूनी स्तर पर सारी रिपोर्ट और दस्तखत की प्रक्रिया पूरी कराए।

इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम सदर अश्वनी सिंह ने कहा कि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने का काम शासन द्वारा तय किए गए नियमों और मानकों के आधार पर ही किया जा रहा है। किसी भी सही आवेदक को जानबूझकर परेशान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी भी स्तर पर काम को बेवजह लटकाया जा रहा है, तो उसकी पूरी जांच की जाएगी और संबंधित कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही जनता की सहूलियत के लिए व्यवस्था को और ज्यादा बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लोगों को समय से उनके प्रमाणपत्र मिल सकें।

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