Lakhimpur- Kheri : तहसील में प्रशासनिक ढिलाई और गड़बड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, वकील संगठन के पदाधिकारी ने उठाए सवाल

जारी वीडियो के माध्यम से अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन की पैमाइश और सीमांकन से जुड़े मामलों में सालों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती। राजस्व निरीक्षकों पर मनमाने तरीके से काम करने और बिना पैमाइश किए ही फाइलों को निरस्त कर दफ्तर में जमा

May 27, 2026 - 21:48
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Lakhimpur- Kheri : तहसील में प्रशासनिक ढिलाई और गड़बड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, वकील संगठन के पदाधिकारी ने उठाए सवाल
Lakhimpur- Kheri : तहसील में प्रशासनिक ढिलाई और गड़बड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, वकील संगठन के पदाधिकारी ने उठाए सवाल

लखीमपुर खीरी जिले की धौरहरा तहसील में प्रशासनिक कामकाज के तरीकों और कर्मचारियों की सुस्ती को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। तहसील अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष कौशल किशोर श्रीवास्तव ने इंटरनेट माध्यमों पर एक वीडियो जारी कर तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील के विभिन्न पटलों में भारी अनियमितताएं व्याप्त हैं और राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते आम जनता के जरूरी मामले कई वर्षों तक लंबित पड़े रहते हैं। यह वीडियो इस समय स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

जारी वीडियो के माध्यम से अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन की पैमाइश और सीमांकन से जुड़े मामलों में सालों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती। राजस्व निरीक्षकों पर मनमाने तरीके से काम करने और बिना पैमाइश किए ही फाइलों को निरस्त कर दफ्तर में जमा कर देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पारिवारिक बंटवारे और जमीनों के अन्य मुकदमों में भी क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा समय पर अपनी रिपोर्ट नहीं लगाई जाती, जिससे पीड़ित लोगों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है। जमीन की रजिस्ट्री के बाद होने वाले नाम परिवर्तन (दाखिल-खारिज) के मामलों में भी जरूरी कागजात और शपथ पत्रों की कमी बताकर केस को बेवजह खारिज कर दिया जाता है। हद तो तब हो जाती है जब अदालत से आदेश होने के बाद भी सरकारी दस्तावेजों में नए मालिक का नाम चढ़ाने की प्रक्रिया महीनों अटकी रहती है।

कौशल किशोर श्रीवास्तव के मुताबिक, इन सभी समस्याओं और राजस्व विभाग के लचर रवैए को लेकर उनके संगठन द्वारा उप जिलाधिकारी (एसडीओ) से लेकर जिलाधिकारी तक को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है। इस ढुलमुल व्यवस्था के कारण तहसील आने वाले गरीब और जरूरतमंद फरियादियों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

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