Kangana Ranaut On Student Protests: 'प्रदर्शन के वीडियो घिनौने, ये Generation Gutter है', कंगना रनौत के बयान से खड़ा हुआ बड़ा विवाद
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हालिया विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कह दिया है। इस बयान पर सियासी बवाल मच गया है।
- Kangana Ranaut Generation Gutter Remark: प्रदर्शनकारियों पर भड़कीं भाजपा सांसद कंगना रनौत, जानिए ऐसा क्या कह दिया कि गरमा गई राजनीति
- "मैं इन्हें Generation Gutter कहती हूं"... प्रदर्शन के वीडियो देख भड़कीं कंगना रनौत, दिया बेहद विवादित बयान
- Kangana Ranaut Statement: प्रदर्शनकारियों पर फिर बोला कंगना रनौत ने हमला, कहा- "ये आंदोलनकारी जेनरेशन गटर हैं"
हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत अपने तीखे बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे हालिया आंदोलनों और प्रदर्शनों के वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल उठाते हुए इन वीडियो को 'घिनौना' बताया और प्रदर्शन में शामिल युवाओं के लिए 'जेनरेशन गटर' शब्द का इस्तेमाल किया। नई दिल्ली में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सामने आए उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस विवादित बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है।
देश भर में चल रहे विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रहे हैं। इन्हीं वीडियो का हवाला देते हुए मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी।
कंगना रनौत ने प्रदर्शन के दौरान युवाओं द्वारा किए जा रहे व्यवहार और हुड़दंग पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह की भाषा, आक्रामकता और तोड़-फोड़ इन वीडियो में नजर आ रही है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों को देश के विकास में बाधक बताते हुए 'जेनरेशन गटर' की संज्ञा दे दी। इस टिप्पणी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान शुरू हो गया और विपक्षी दलों ने इसे देश के युवाओं का अपमान करार दिया।
पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब विभिन्न राज्यों में युवाओं और छात्र संगठनों द्वारा किए जा रहे उग्र प्रदर्शनों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वीडियो में प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन से उलझते और नारों के साथ विरोध जताते दिख रहे थे।
कंगना रनौत ने इन दृश्यों को देखकर सार्वजनिक मंच पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार एक सीमा तक ही जायज है, लेकिन जिस तरह से आज का एक वर्ग कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहा है और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है, वह चिंताजनक है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि वे ऐसे युवाओं को 'जेनरेशन गटर' मानती हैं जो अपनी ऊर्जा देश निर्माण में लगाने के बजाय हिंसा और अव्यवस्था फैलाने में लगा रहे हैं।
सांसद के इस बयान का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, छात्र संगठनों और विभिन्न विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। कई शहरों में कंगना रनौत के इस बयान के खिलाफ पुतले भी फूंके गए और उनसे तुरंत माफी मांगने की मांग की जाने लगी।
कंगना रनौत के बयान पर विपक्षी दलों ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों के नेताओं का कहना है कि अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे युवाओं को गटर कहना एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। विपक्षी नेताओं ने भाजपा शीर्ष नेतृत्व से सवाल किया है कि क्या वे अपनी सांसद की इस भाषा से सहमत हैं और क्या पार्टी इस बयान पर उन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी?
दूसरी ओर, इस बयान पर मचे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने खुद को सांसद के व्यक्तिगत बयान से अलग रखने की कोशिश की है। पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि हिंसक प्रदर्शनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति की निंदा होनी चाहिए, लेकिन जनप्रतिनिधियों को भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। वहीं, कंगना के समर्थकों का तर्क है कि उनके बयान का इरादा उग्रवादियों और अराजक तत्वों पर निशाना साधना था, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले आम युवाओं पर।
कंगना रनौत के इस बयान का प्रभाव व्यापक राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर देखने को मिल रहा है। छात्र आंदोलनों को अब एक नया राजनीतिक मुद्दा मिल गया है और युवाओं के मुद्दों पर राजनीति और अधिक गरमा गई है।
इस घटना से कंगना रनौत की राजनीतिक छवि पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि सांसद बनने के बाद भी उनके तीखे और बेबाक बयानों के कारण पार्टी को बार-बार सफाई देनी पड़ रही है। इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी दो स्पष्ट धड़े बन गए हैं, जहां एक वर्ग उग्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग युवाओं को 'गटर' कहे जाने पर सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़ा हुआ है। इस विवाद के आगामी संसद सत्र में भी गूंजने के आसार जताए जा रहे हैं। विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर सदन में हंगामा कर सकते हैं और भाजपा से सांसद के बयान पर जवाब मांग सकते हैं।
साथ ही, विभिन्न राज्यों के छात्र संगठन कंगना रनौत के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और कानूनी शिकायतें दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच क्या कंगना रनौत अपने इस बयान पर कोई स्पष्टीकरण या सफाई जारी करती हैं या फिर वे अपने रुख पर कायम रहती हैं।
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