Sambhal: वंदे मातरम' बिल पर AIMIM का विरोध, बोले सय्यद असलम- देश में भाईचारे की जगह विवाद बढ़ाएगी सरकार
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण देने से जुड़े प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर
उवैस दानिश, सम्भल
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण देने से जुड़े प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर (संशोधन) बिल-2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बिल का विरोध किया।
सय्यद असलम ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे कानून लाकर देश में विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप है कि किसी भी नागरिक पर किसी विशेष नारे या गीत को गाने के लिए कानूनी दबाव बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान और देश के कानून को देश के निर्माताओं ने व्यापक सोच-विचार के बाद तैयार किया था और उसमें इस प्रकार के बदलाव नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कानून लाने के बजाय बेरोजगारी, रोजगार सृजन, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक देश को मजबूत बनाने का रास्ता हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे से होकर जाता है, न कि ऐसे विवादित मुद्दों से। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बिल से देश कमजोर होगा, तो उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश नहीं बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी नागरिक पर किसी गीत को गाने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए और सरकार को संविधान की मूल भावना का सम्मान करना चाहिए। AIMIM नेता ने अंत में इस प्रस्तावित संशोधन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कदम देश में भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए ठीक नहीं हैं।
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